
Ahmedabad, 27 सितंबर . Gujarat के Ahmedabad में Sunday को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साबरमती रेलवे स्टेशन से एलएनजी से चलने वाली देश की पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इस मौके पर उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज हम साबरमती की उस धरती पर खड़े हैं, जो आत्मशक्ति और सत्य के प्रयोगों की भूमि रही है. यहां से कुछ ही किलोमीटर दूर महात्मा गांधी ने अपना आश्रम स्थापित किया था और साबरमती आश्रम को देशभर में स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बनाया था. यहीं से महात्मा गांधी ने सत्याग्रह, सादा जीवन, ग्रामीण विकास और खादी से जुड़े अपने प्रयोगों को जमीनी स्तर पर लागू करना शुरू किया.
अमित शाह ने कहा कि आज साबरमती डिवीजन में भारतीय रेलवे की कई परियोजनाओं की शुरुआत हो रही है. इनमें कुछ परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण से, कुछ यात्रियों की सुविधा से और कुछ यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी हैं.
उन्होंने साबरमती रेलवे स्टेशन में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि कोई यकीन नहीं कर सकता कि यह वही स्टेशन है जहां 1980 के दशक में लोगों को रिक्शा लेने के लिए करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था. आज यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में यहां बड़ा बदलाव आया है. यहां से मेट्रो रेल, राज्य परिवहन बस स्टैंड और आने वाली हाई-स्पीड रेल सेवा तक पहुंच संभव होगी. साबरमती में 1,472 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास आने वाले दिनों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को और मजबूत करेगा.
अमित शाह ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में रेलवे ने विकास की नई गति पकड़ी है. प्रीमियम स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और रैपिड रेल सिस्टम के बाद अब हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत के साथ India दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है. India में बनाए जा रहे लोकोमोटिव में करीब 94 प्रतिशत हिस्सा ‘मेक इन इंडिया’ का है और जल्द ही 100 प्रतिशत स्वदेशी उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा.
अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत साबरमती रेलवे डिवीजन की पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि साबरमती डिवीजन में पर्यावरण, यात्री सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी कई नई पहल शुरू की जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि आज एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है. 1,200 हॉर्सपावर की क्षमता वाला ट्विन-सेक्शन इंजन लगभग 600 ट्रकों के बराबर माल ढुलाई की क्षमता रखता है. पहले इसके लिए दो लोकोमोटिव की जरूरत पड़ती थी लेकिन अब एक डब्ल्यूएजी-12 इंजन यह काम कर सकता है. इससे देश का रेलवे सिस्टम एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगा. देश में डबल डेकर मालगाड़ी का ट्रायल जारी है, जिससे माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी. वहीं, दिल्ली से हावड़ा और दिल्ली से गुवाहाटी तक करीब 11,000 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को चार-लेन नेटवर्क में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है. इससे ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को भी लाभ मिलेगा. 2014 से पहले रेलवे के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत नहीं हुई थी. डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल सिस्टम और प्रीमियम स्टेशन जैसी परियोजनाओं को मोदी Government ने आगे बढ़ाया है.
अमित शाह ने रेलवे विद्युतीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि देश में रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने चीन, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन सहित विभिन्न देशों में रेलवे विद्युतीकरण के आंकड़ों का भी जिक्र किया.
अमित शाह ने कहा कि 2015-16 में भारतीय रेलवे ने करीब 293 करोड़ लीटर डीजल का इस्तेमाल किया था. 2024-25 में यह खपत घटकर करीब 108 करोड़ लीटर रह गई है. उन्होंने कहा कि Government का लक्ष्य 2030 तक डीजल की खपत को शून्य तक लाने की है, जिससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी.
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डीकेएम/पीएम