‘एमएलसी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार’, सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी की बात दोहराई

New Delhi, 28 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने विधान परिषद चुनावों में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की जीत और कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन पर Prime Minister मोदी की टिप्पणी का समर्थन किया है.
सुवेंदु अधिकारी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर Prime Minister की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा कि Prime Minister मोदी ने बिल्कुल सटीक बात कही है. चार प्रमुख राज्यों, उत्तर प्रदेश, Maharashtra, बिहार और कर्नाटक (जहां कांग्रेस का शासन है) की 28 एमएलसी सीटों पर कांग्रेस पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली: एक भी सीट नहीं. और सबसे बड़ा मजाक तो यही है. ये चुनाव ईवीएम के बजाय कागज के मतपत्रों से कराए गए.
उन्होंने कहा कि सालों से, जब भी मतदाताओं ने कांग्रेस को सिरे से नकारा है, तो उसकी हमेशा की तरह बहाने बनाने की आदत फिर से सक्रिय हो जाती है और वह ईवीएम को दोष देती है, बेबुनियाद साजिशों को हवा देती है और हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को बदनाम करती है. अब जब मतदान कागज के मतपत्रों से हुआ और फिर भी उसे एक भी सीट नहीं मिली, तो ईवीएम विरोधी झूठा नारा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और इतिहास के कूड़ेदान में चला गया. इस बार राहुल गांधी और उनके साथी किसे दोष देंगे? मतपत्र की स्याही को?
Chief Minister ने कहा कि मतदाताओं का संदेश स्पष्ट है: India की जनता ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व को पूरी तरह से नकार दिया है. कांग्रेस, इंडिया गठबंधन और तिलचट्टों द्वारा पैदा की गई अराजकता और अव्यवस्था भी एनडीए की संभावनाओं को नुकसान नहीं पहुंचा सकी.
वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगता है, आर्यभट्ट ने शून्य का आविष्कार कांग्रेस के लिए ही किया था. नेतृत्व शून्य, नीति शून्य और परिणाम भी शून्य. अलग-अलग राज्यों में विधान परिषद के चुनाव बैलेट पेपर से हुए, लेकिन कांग्रेस का खाता फिर भी शून्य ही रहा.
इससे पहले Prime Minister मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, Maharashtra, बिहार और कर्नाटक, इन चार बड़े राज्यों की 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हुए. चुनाव मतपत्रों के माध्यम से हुए. अनुमान लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?
बता दें कि 2026 के एमएलसी चुनावों के नतीजे बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और Maharashtra, चार राज्यों की 28 सीटों के लिए घोषित किए जा चुके हैं. कांग्रेस तीन राज्यों में एक भी सीट नहीं जीत पाई है और Maharashtra में भी उसका सफाया हो चुका है. सत्ताधारी महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच कड़ी टक्कर रही, लेकिन वहां भी कांग्रेस की स्थिति नाजुक नजर आई.
–
एमएस/एबीएम


