
अयोध्या, 11 अक्टूबर . भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से भगवान श्री रामलला को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद की शुद्धता पर मुहर लगा दी गई है. एफएसएसएआई ने आधिकारिक तौर पर श्री राम जन्मभूमि मंदिर को ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ प्रमाणपत्र दिया है.
एफएसएसएआई के सीईओ रजित पुन्हानी ने अयोध्या में एक खास समारोह के दौरान यह सर्टिफिकेट सौंपा है. एफएसएसएआई की ओर से जारी यह सर्टिफिकेट दो वर्ष के लिए मान्य है. अयोध्या के श्री राम मंदिर ने ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ का दर्जा हासिल करने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) द्वारा तय किए गए साफ-सफाई और खाने की सुरक्षा के कड़े मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया है.
एफएसएसएआई के ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ पहल से देशभर में धार्मिक स्थलों पर साफ-सुथरे और पौष्टिक भोजन के तौर-तरीकों को बढ़ावा देना है. धार्मिक स्थलों पर काफी मात्रा में भगवान को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद को श्रद्धालुओं में बांटा जाता है. ऐसे में इन स्थलों पर भोजन को साफ तरीके से रखा जाना भी काफी आवश्यक हो जाता है. इस सर्टिफिकेट से इस बात की पुष्टि हो जाती है कि एफएसएसएआई के मानकों को पूरा किया है. राम मंदिर को यह सर्टिफिकेट मिलना इस बात का संकेत है कि राम मंदिर की ओर से इस पहल से जुड़ी शर्तों को पूरा किया गया है.
एफएसएसएआई की ओर से social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके लिखा गया, “अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को एफएसएसएआई ने आधिकारिक तौर पर ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ के तौर पर सर्टिफाई किया है! यह सर्टिफिकेट अयोध्या में एक खास समारोह के दौरान एफएसएसएआई के सीईओ रजित पुन्हानी ने सौंपा.”
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एसडी/एएस