
Mumbai , 9 सितंबर . Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Wednesday को कहा कि Maharashtra आम नागरिकों, किसानों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तक उभरती डिजिटल वित्तीय तकनीकों का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
सीएम देवेंद्र फणडवीस ने कहा कि एजेंटिक एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी फाइनेंशियल इन्क्लूजन (वित्तीय समावेशन) को एक नई दिशा देंगे.
यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में बोलते हुए Chief Minister ने फाइनेंशियल सेक्टर में क्रांति लाने के लिए एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी की अपार संभावनाओं पर जोर दिया.
सीएम फडणवीस ने याद दिलाया कि पिछले साल के ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान, राज्य ने Maharashtra को देश का पहला ‘टोकनाइज्ड स्टेट’ बनाने का संकल्प लिया था. उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए राज्य Government ने ‘Maharashtra डिजिटाइजेशन एंड एक्सचेंज ऑफ लैंड टोकन एसेट एक्ट (डेल्टा एक्ट)’ का ड्राफ्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है. यह कानून जमीन और रियल एस्टेट एसेट्स के ब्लॉकचेन-आधारित टोकनाइजेशन के लिए जरूरी कानूनी ढांचा तैयार करेगा. सेबी, बीएसई, एनएसई, इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी, कानून और एकेडेमिया के एक्सपर्ट इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं.
उन्होंने बताया कि टोकनाइजेशन रियल एस्टेट में फंसी पूंजी को प्रोडक्टिव आर्थिक अवसरों में बदलता है, जिससे पारदर्शिता, लिक्विडिटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है और इलिक्विड एसेट्स (आसानी से नकद में न बदले जा सकने वाले एसेट्स) का लाभ उठाया जा सकता है.
Chief Minister ने कहा कि ग्लोबल फाइनेंस का भविष्य India में, खासकर Mumbai में, आकार ले रहा है. देश की फाइनेंशियल राजधानी के तौर पर, Mumbai तेजी से एक उभरती हुई ग्लोबल फिनटेक राजधानी बनने की ओर बढ़ रही है.
इस साल की थीम ‘पोटेंशियल ऑफ इम्पैक्ट’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की क्षमताओं को असल दुनिया में असरदार बदलाव में बदलना आज की जरूरत है. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए एक ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करने के बाद, India को अब क्रेडिट, निवेश, मालिकाना हक और वित्तीय जानकारी तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने पर ध्यान देना चाहिए.
सीएम फडणवीस ने कहा कि आधुनिक टेक्नोलॉजी में कोल्हापुर की किसी इंडस्ट्री, विदर्भ के किसी किसान या पुणे की किसी महिला उद्यमी को बड़े फाइनेंशियल संस्थानों के बराबर ही हाई-क्वालिटी वित्तीय जानकारी देने की क्षमता है.
एजेंटिक एआई के बारे में विस्तार से बताते हुए Chief Minister ने एक ऐसे भविष्य की कल्पना की जहां किसी उद्यमी का एआई असिस्टेंट वित्तीय जरूरतों का आकलन कर सके और सबसे अच्छे समाधान सुझा सके, जबकि किसानों को उनकी मातृभाषा में वित्तीय सलाह मिल सके.
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही एआई नागरिकों के लिए काम करे, लेकिन अंतिम नियंत्रण इंसानों के हाथों में ही रहना चाहिए.
Maharashtra की वित्तीय, तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ताकतों पर प्रकाश डालते हुए सीएम फडणवीस ने बताया कि Mumbai में देश का सबसे बड़ा फाइनेंशियल इकोसिस्टम है, पुणे तकनीकी टैलेंट का हब है, और नवी Mumbai डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कनेक्टिविटी के केंद्र के रूप में उभर रहा है. राज्य Government आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), स्टार्टअप और यूनिवर्सिटीज के आस-पास एक मजबूत इकोसिस्टम बना रही है.
उन्होंने इंडस्ट्री लीडर्स से कहा कि वे Maharashtra को सिर्फ एक बाजार के तौर पर न देखें, बल्कि इनोवेशन की एक प्रयोगशाला के तौर पर देखें. Chief Minister ने खेती, एमएसएमई, शहरी विकास, हेल्थकेयर, मोबिलिटी, फाइनेंशियल इन्क्लूजन, धोखाधड़ी रोकने और पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में समाधान मांगे और बड़े पैमाने पर टेस्टिंग के लिए राज्य की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India ने डिजिटल फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक ग्लोबल स्टैंडर्ड सेट किया है और दुनिया India की अगली फाइनेंशियल क्रांति को उत्सुकता से देख रही है.
राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए Chief Minister फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि Maharashtra एक पायनियर के तौर पर काम करेगा, जो अगली पीढ़ी के फिनटेक समाधानों के लिए सबसे बड़े ‘रियल-वर्ल्ड टेस्टबेड’ के रूप में काम करेगा और Mumbai को दुनिया की फिनटेक राजधानी बनाने के पीएम मोदी के विजन को साकार करने की दिशा में प्रयास करेगा.
इस कार्यक्रम के दौरान Chief Minister की मौजूदगी में, बीकेसी में अपने विस्तार को लेकर Mumbai मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए), सेबी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के बीच समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया.
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एससीएच/डीकेपी