उद्धव ठाकरे ने लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी, कहा- जल्द ही खामियाजा भुगतना पड़ेगा

Mumbai , 20 अक्टूबर . शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और Maharashtra के पूर्व Chief Minister उद्धव ठाकरे ने Tuesday को दादर के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में आयोजित पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली के दौरान, राज्य और केंद्र की सत्ताधारी लीडरशिप पर तीखा हमला बोला.
ठाकरे ने विजयादशमी के मौके पर समर्थकों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए Chief Minister देवेंद्र फडणवीस, Prime Minister Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपChief Minister एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा.
उन्होंने राज्य के अहम मुद्दों जैसे सूखे और जन सुरक्षा पर भी बात की. ठाकरे ने Maharashtra की कानून-व्यवस्था पर तंज कसते हुए Actor टाइगर श्रॉफ पर हुए हालिया हमले की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने Chief Minister की आलोचना की, जिन्हें उन्होंने ‘चमको’ (दिखावा करने वाला) कहा.
ठाकरे ने कहा, “Actor टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ और ये ‘चमको’ तुरंत उनसे मिलने पहुंच गए. Police ने दोषियों को पकड़ लिया, लेकिन क्या हम इसके लिए उनकी तारीफ करें? यह टाइगर श्रॉफ की किस्मत अच्छी थी कि वे बच गए. अगर गोली जानलेवा साबित होती और Police बाद में बदमाशों को पकड़ती, तो उसका क्या फायदा होता? आप कैसी Government चला रहे हैं? यह बहुत गुस्सा दिलाने वाली बात है कि इन लोगों ने बाकी सब कुछ Police पर छोड़ दिया है, जबकि इनका पूरा ध्यान सिर्फ अपनी छवि चमकाने पर है.”
उन्होंने पूछा कि नियमित सुरक्षा जांच बाहरी लोगों को रोकने में क्यों नाकाम रही?
उन्होंने कहा, “जब भी हमारी तरफ कोई छोटी-मोटी घटना होती है, तो हमें तुरंत Police स्टेशन बुला लिया जाता है. क्या इन Police अधिकारियों को वे हमलावर नहीं दिखे, जिन्होंने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया? क्या नाकेबंदी के दौरान आपकी नाक में रुई ठूंसी हुई थी? वे गुंडे अंदर कैसे घुस आए?”
हाई कोर्ट में राज्य Government द्वारा हाल ही में दाखिल किए गए हलफनामे पर निशाना साधते हुए, ठाकरे ने पूछा कि राज्य के शहरों में आखिर ‘अर्बन नक्सलवाद’ कहां है? हलफनामे में कथित तौर पर यह दावा किया गया है कि Maharashtra ‘अर्बन नक्सलियों’ का गढ़ बन गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि असल में उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से अपराधी यहां घुसपैठ कर रहे हैं.
ठाकरे ने कहा, “साबरमती जेल में बैठा लॉरेंस बिश्नोई है, जिसके गुर्गों का दावा है कि उनके पास 70 हजार शूटर हैं. देवेंद्र फडणवीस जी, आपमें सच में हिम्मत है तो साबरमती जाइए, दिल्ली में बैठे अपने ‘बॉस’ के सामने से लॉरेंस बिश्नोई को खींचकर बाहर निकालिए. फिर बड़ी-बड़ी बातें कीजिए.”
ठाकरे ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के लिए सत्ताधारी दल को जल्द ही Political खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
अपने संबोधन में ठाकरे ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके का विशेष रूप से जिक्र किया और दो बार उनका नाम लिया. ठाकरे ने याद किया कि कैसे वे सीजेपी के पहले विरोध प्रदर्शन स्थल पर जाकर दिपके और युवा प्रदर्शनकारियों से मिले थे.
ठाकरे ने कहा, “मैं उस पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके और युवा प्रदर्शनकारियों से मिलने गया था. किसी के सिर पर चोट लगी थी, शरीर पर साफ तौर पर निशान और सूजन दिख रही थी, और एक लड़की के कपड़े फटे हुए थे. उनके घावों को देखकर मैंने उनसे घर जाने के लिए कहा. लेकिन उन्होंने जवाब दिया, ‘भले ही हम मर जाएं, पर अब हम पीछे नहीं हटेंगे.’ यह 12 सालों का जमा हुआ गुस्सा है. आपने 12 सालों तक देश को प्रताड़ित किया है.”
ठाकरे ने जोर देकर कहा कि सड़कों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवा क्रांतिकारी हैं, न कि Naxalite, भले ही उन्हें आलोचक ‘अर्बन नक्सल’ कहते हों. इन विरोध प्रदर्शनों में मध्यमवर्गीय परिवारों ने भी हिस्सा लिया, जहां माता-पिता अपने बच्चों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे.
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एएसएच/एबीएम


