
Mumbai , 20 सितंबर . भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होगा. अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी टैरिफ, बॉन्ड यील्ड और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की चाल निर्धारित करेंगे.
मध्यपूर्व में अमेरिका-ईरान तनाव पर आने वाले समय में निवेशकों की निगाहें रहेंगी. इसमें आने वाले किसी भी अपडेट का सीधे बाजार पर असर हो सकता है.
अमेरिका में टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम पर भी निवेशकों का फोकस रहेगा. अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला एक बिल मंजूर किया है. इस बिल से President डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा जो रूस से तेल और गैस खरीदते हैं. इस कदम का असर India और चीन जैसे बड़े आयातकों पर पड़ सकता है और इससे ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है.
कच्चे तेल की कीमतें बाजार में उतार-चढ़ाव की एक और बड़ी वजह बनी रह सकती हैं. विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश पर भी करीबी नजर रहेगी. 18 सितंबर को एफआईआई कैश मार्केट में नेट खरीदार रहे. उन्होंने 599.54 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की. घरेलू संस्थागत निवेशक भी नेट खरीदार रहे और उन्होंने 1,019.69 करोड़ रुपए की शुद्ध निवेश किया.
रुपए और डॉलर की चाल से इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है. इसके अलावा, पीएमआई और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेटा जैसे मासिक घरेलू डेटा भी अगले हफ्ते जारी होंगे, जिनका असर बाजार पर दिख सकता है.
भारतीय शेयर बाजार ने बीता हफ्ता कमजोर स्तर पर खत्म किया. ऊर्जा की ऊंची लागत से महंगाई बढ़ने की आशंका और आर्थिक विकास पर इसके संभावित असर को लेकर चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया.
इस दौरान सेंसेक्स 0.65 प्रतिशत गिरकर 74,294.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.22 प्रतिशत गिरकर 23,346.40 पर बंद हुआ.
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एबीएस