
चंडीगढ़, 20 सितंबर . पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य में बिजली संकट के लिए आम आदमी पार्टी Government को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उसकी अक्षमता, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण पंजाब के हालिया इतिहास में पहली बार इतना बड़ा बिजली संकट देखने को मिला.
‘वॉरिंग विद वॉरियर्स’ कार्यक्रम के सातवें सत्र में लाइव बातचीत के दौरान वड़िंग ने कहा कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को दिल्ली से पंजाब तक फैले “भ्रष्ट लोगों के गठजोड़” ने कमाई का जरिया बना दिया है. इसका खामियाजा किसानों, छात्रों और उद्योगों को 12 से 18 घंटे तक बिजली कटौती के रूप में भुगतना पड़ा.
उन्होंने आरोप लगाया कि Government ने एक गैर-तकनीकी और अनुभवहीन नौकरशाह को पीएसपीसीएल का चेयरमैन नियुक्त किया, जिसने अपने करीब 300 दिनों के कार्यकाल में केवल 25-30 दिन ही कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई. वड़िंग ने कहा कि सामान्य तौर पर इस पद पर कम से कम 25 वर्षों के अनुभव वाले तकनीकी विशेषज्ञ की नियुक्ति होती है.
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पीएसपीसीएल करीब छह महीने तक डायरेक्टर (जनरेशन) के बिना चला. उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन डायरेक्टर हरजीत सिंह को Government के कथित अवैध निर्देश नहीं मानने पर विजिलेंस के जरिए प्रताड़ित किया गया. बाद में जिस अधिकारी को नियुक्त किया गया, उसके लिए पात्रता मानदंड में ढील दी गई.
वड़िंग ने कहा कि Government ने गर्मियों के लिए पहले से बिजली खरीद की कोई योजना नहीं बनाई. उन्होंने आरोप लगाया कि पीएसपीसीएल पहले जहां 4-5 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदता था, वहीं अब 8.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से निजी व्यापारियों से बिजली खरीदी जा रही है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि Government को विभिन्न योजनाओं के तहत पीएसपीसीएल को 22,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देनी थी, लेकिन केवल 15,000 करोड़ रुपये ही दिए गए. उनके मुताबिक, 7,000 करोड़ रुपये के कथित लाभ का दावा किया गया, जबकि लाभ नहीं होने पर पीएसपीसीएल को 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेना पड़ा और इसके लिए एक निजी बिचौलिए को 150 करोड़ रुपये कमीशन दिया गया.
Chief Minister भगवंत मान के कोयले की कमी वाले बयान पर निशाना साधते हुए वड़िंग ने कहा कि पंजाब के पास अपनी कैप्टिव कोयला खदानें हैं, इसलिए संकट कोयले की कमी से नहीं, बल्कि लेहरा मोहब्बत और रोपड़ थर्मल प्लांटों में अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली उत्पादन घटने से पैदा हुआ.
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल बाढ़ से क्षतिग्रस्त यूबीडीसी हाइड्रो पावर परियोजना अब तक पूरी क्षमता से चालू नहीं हो सकी है, जिससे राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है.
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डीएससी