इथियोपिया: चार साल शांत रहने के बाद टिग्रे में बवाल, गृहयुद्ध का खतरा

अदीस अबाबा, 26 सितंबर . यूएन ने इथियोपिया के बिगड़ते हालात पर चिंता जताई है. प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि यूएन “ड्रोन इस्तेमाल और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सुनने में आ रही है जिससे यूएन बहुत चिंतित है” और उन्होंने सभी पक्षों से फिर से अपील की कि वे “अधिकतम संयम बरतें और बातचीत के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाएं.”

उन्होंने न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कही. दरअसल, इथियोपिया के उत्तरी टिग्रे क्षेत्र में टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) और संघीय सेना के बीच संघर्ष तेज हो गया है. टिग्रे बलों के पड़ोसी अमहारा और अफार क्षेत्रों में हमले तथा सात सशस्त्र समूहों के नए गठबंधन के गठन के बाद देश में एक बार फिर बड़े पैमाने पर गृहयुद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है.

टिग्रे का इतिहास भयावह रहा है. यहां 2020 से 2022 के बीच हुई हिंसा में करीब छह लाख लोगों की मौत हुई थी. नवंबर 2022 में हुए प्रिटोरिया शांति समझौते के बाद संघर्ष रुका था, लेकिन पिछले साल के अंत से तनाव और छिटपुट झड़पें फिर शुरू हो गई थीं. मौजूदा हिंसा को उस समझौते के बाद का सबसे गंभीर सैन्य उकसावा माना जा रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, बीते Sunday को टीपीएलएफ समेत सात सशस्त्र संगठनों ने इथोयोपियन पीपुल्स’ फोर्सेस अलायंस फॉर सर्वाइवल नाम से गठबंधन बनाया. इन्होंने ड्रोन हमले किए. गठबंधन का घोषित उद्देश्य Prime Minister अबी अहमद की Government को हटाना है. इसमें अमहारा फानो और ओरोमो लिबरेशन आर्मी समेत विभिन्न क्षेत्रों के सशस्त्र संगठन शामिल हैं.

इसके बाद Wednesday को टिग्रे बलों ने क्षेत्र के तीन हवाई अड्डों पर नियंत्रण कर लिया. इथियोपियन एयरलाइंस ने सुरक्षा स्थिति को देखते हुए टिग्रे के लिए उड़ानें निलंबित कर दीं. टिग्रे बलों ने अमहारा और अफार में भी हमले किए. अफार में याल्लो के आसपास भारी तोपखाने की गोलाबारी की खबर सामने आई, जबकि टिग्रे-अफार सीमा के पास अबाला पर भी कब्जे की सूचना मिली.

अल जजीरा के अनुसार इथियोपियाई सेना ने दावा किया है कि उसने अमहारा के नॉर्थ वोल्लो इलाके में जवाबी कार्रवाई के दौरान 272 टीपीएलएफ लड़ाकों को मार गिराया और करीब 260 को घायल किया. इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. सेना ने अपने या आम नागरिकों के हताहत होने का आंकड़ा नहीं बताया है.

Friday (25 सितंबर) को टिग्रे क्षेत्र में इंटरनेट और फोन सेवाओं के बाधित होने की भी खबर सामने आई. निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने उत्तरी इथियोपिया में इंटरनेट व्यवधान की पुष्टि की. इससे 2020-22 के युद्ध के दौरान लगे संचार और आपूर्ति प्रतिबंधों की यादें फिर ताजा हो गई हैं. उस समय टिग्रे लंबे समय तक बाहरी दुनिया से लगभग कट गया था और मानवीय संकट गहरा गया था.

इस संघर्ष का असर केवल इथियोपिया तक सीमित रहने की आशंका नहीं है. टिग्रे की स्थिति का संबंध पड़ोसी देश इरिट्रिया के साथ इथियोपिया के तनाव और सूडान के जारी गृहयुद्ध से भी जुड़ रहा है. इरिट्रिया को आशंका है कि समुद्र से कटे इथियोपिया की लाल सागर तक पहुंच बनाने की कोशिश उसके लिए सुरक्षा चुनौती बन सकती है. हालांकि इरिट्रिया पर टिग्रे विद्रोहियों को समर्थन देने के आरोपों से संबंधित दावों को वह लगातार खारिज करता रहा है.

2020-22 के युद्ध में इरिट्रिया और अमहारा के फानो लड़ाके उस समय इथियोपियाई Government के साथ थे, जबकि अब Political और सैन्य समीकरण बदल गए हैं. टीपीएलएफ और फानो समेत कई पूर्व विरोधी गुट नए गठबंधन में साथ आए हैं. यही बदलाव मौजूदा संघर्ष को और जटिल बना रहा है.

अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और सीधे संवाद बहाल करने की अपील की है. यूरोपीय संघ ने भी तत्काल तनाव कम करने और प्रिटोरिया समझौते के प्रति फिर प्रतिबद्धता जताने का आह्वान किया है.

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केआर/

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