आखिर दिक्कत क्या है, मार्को रुबियो से मुंबई में मुलाकात पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर

New Delhi, 22 अक्टूबर . विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने Thursday को कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि विपक्षी दल अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की Mumbai यात्रा और वहां हुई बैठक की आलोचना क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अतीत में भी भारतीय नेता विदेशी नेताओं से दिल्ली के बाहर मुलाकात करते रहे हैं.
एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बोलते हुए एस. जयशंकर ने कहा, “मुझे यह समझ नहीं आया. क्या उन्हें Mumbai पसंद नहीं है? क्या उन्हें Mumbai से कोई समस्या है? मेरा मानना है कि यह एक शानदार शहर है. यह देश की वित्तीय राजधानी है, Bollywood की राजधानी है और यहां बहुत कुछ है. शायद Mumbai उन्हें पसंद नहीं करती, मुझे नहीं पता कि उन्हें इससे क्या आपत्ति है.”
पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने Mumbai में जयशंकर और मार्को रुबियो की मुलाकात को लेकर केंद्र Government पर तंज कसते हुए इसे “तलब किया जाना” बताया था.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एस. जयशंकर ने कई पुराने उदाहरणों का जिक्र किया, जब भारतीय नेताओं ने दिल्ली से बाहर जाकर विदेशी नेताओं से मुलाकात की थी.
उन्होंने कहा, “अगर दिल्ली से बाहर जाकर किसी विदेशी नेता या समकक्ष से मिलना तलब किया जाना है, तो मैं आपको कई उदाहरण दे सकता हूं. इंदिरा गांधी, भुट्टो से मिलने शिमला गई थीं. क्या उन्हें तलब किया गया था? सलमान खुर्शीद jaipur में Pakistan के Prime Minister से मिलने गए थे. क्या उन्हें तलब किया गया था?”
विदेश मंत्री एस. जयशंक ने कहा, “हम सभी समझदार लोग हैं, इसलिए इस विषय पर परिपक्व तरीके से चर्चा करनी चाहिए.”
विदेश मंत्री ने 19 और 20 अक्टूबर को Mumbai में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अमेरिका के अपने समकक्षों की मेजबानी की थी. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी हिस्सा लिया था.
इससे पहले पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय ने भी जयशंकर की द्विपक्षीय बैठकों के लिए Mumbai को चुने जाने को लेकर की गई आलोचनाओं को खारिज कर दिया था.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा था कि पिछले लगभग एक दशक से विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी दिल्ली के बाहर भी की जाती रही है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने स्पेन के Prime Minister की मेजबानी वडोदरा में की थी. जर्मनी के चांसलर की मेजबानी Ahmedabad में की गई थी. मॉरीशस के Prime Minister की मेजबानी वाराणसी में की गई थी.
उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री ने एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक गोवा में आयोजित की थी, जबकि बोत्सवाना के विदेश मंत्री की मेजबानी Gujarat के केवड़िया में की गई थी. इसके अलावा हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का आयोजन अमृतसर में किया गया था.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली के बाहर विदेशी नेताओं की मेजबानी करना कोई नई बात नहीं है और यह लंबे समय से अपनाई जा रही कूटनीतिक परंपरा का हिस्सा है.
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एएमटी/वीसी


