
Mumbai , 3 अक्टूबर . Maharashtra कांग्रेस के प्रभारी सिरिवेल्ला प्रसाद और Maharashtra कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शांति आश्रम में आईआईटी-बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के परिवार से मुलाकात की. साहिल ने कथित तौर पर जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या कर ली थी.
बैठक के दौरान, साहिल वाकोडे के परिवार ने कांग्रेस नेताओं के साथ मामले पर विस्तार से चर्चा की.
इस बैठक में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव बी.एम. संदीप, रेहाना चिश्ती, यू.बी. वेंकटेश और Mumbai कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा सांसद वर्षा गायकवाड़ समेत कई नेता मौजूद थे.
यह घटनाक्रम Mumbai कांग्रेस के युवा अध्यक्ष जीनत शब्रिन की साहिल वाकोडे के परिवार से मुलाकात के ठीक दो दिन बाद हुआ है.
पिछले महीने Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साहिल वाकोडे के परिवार से फोन पर बात की थी और उन्हें न्याय की लड़ाई में समर्थन का भरोसा दिलाया था. उन्होंने परिवार के प्रति एकजुटता जताई और साहिल को न्याय दिलाने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
बाद में 24 सितंबर को, वर्षा गायकवाड़ ने आजाद मैदान जाकर साहिल वाकोडे के पिता से मुलाकात की, जो अपने बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे.
इस बीच, Mumbai क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का बयान दर्ज किया है. प्रोफेसर से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके दौरान उनका बयान दर्ज किया गया. उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया.
साहिल के माता-पिता ने Police शिकायत में कहा था कि प्रोफेसर डूला ने उनके बेटे को परेशान किया था. इन आरोपों के आधार पर, क्राइम ब्रांच ने प्रोफेसर से वाकोडे की मौत से पहले की घटनाओं और छात्र के साथ उनकी बातचीत के बारे में पूछताछ की.
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान प्रोफेसर डूला ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया.
उम्मीद है कि Mumbai क्राइम ब्रांच जल्द ही आईआईटी-बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे को भी जांच के सिलसिले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाएगी.
वहीं, Police परीक्षा हॉल के cctv फुटेज की जांच कर रही है ताकि वाकोडे की मौत से पहले की घटनाओं और गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई जा सके.
क्राइम ब्रांच ने अब तक अपनी जांच के तहत वाकोडे के माता-पिता और सहपाठियों सहित लगभग 50 लोगों के बयान दर्ज किए हैं.
खबरों के मुताबिक, 18 सितंबर के cctv फुटेज में प्रोफेसर डूला, वाकोडे को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद एक तरफ ले जाते हुए दिखाई दिए थे. वाकोडे की मौत के बाद, आईआईटी-बॉम्बे ने कहा था कि छात्र ने जवाब पाने के लिए चैटजीपीटी पर प्रश्न-पत्र अपलोड किया था. संस्थान ने यह भी कहा था कि इस घटना के सिलसिले में उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी.
वाकोडे के पिता, रवींद्र वाकोडे ने दावा किया था कि उनके बेटे ने उन्हें बताया था कि प्रोफेसर डूला उसके साथ भेदभाव कर रहे थे.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मेरे बेटे ने मुझे इस भेदभाव के बारे में बताया था, लेकिन मैंने उससे कहा कि आईआईटी में दाखिला मिलना मुश्किल है और उसे इसे सहन करने की सलाह दी.”
इसके बाद Mumbai Police ने वाकोडे के पिता की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया.
हालांकि, आईआईटी-बॉम्बे के फैकल्टी सदस्य प्रोफेसर डूला के समर्थन में सामने आए और कहा कि उन्हें सिर्फ अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन करने के लिए निशाना बनाया जा रहा था.
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एससीएच/एबीएम