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Tuesday, 20 October 2026
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अल्बर्टा रहेगा कनाडा के साथ, प्रधानमंत्री कार्नी बोले- लोगों ने स्पष्ट विकल्प चुना

अल्बर्टा रहेगा कनाडा के साथ, प्रधानमंत्री कार्नी बोले लोगों ने स्पष्ट विकल्प चुना

अल्बर्टा रहेगा कनाडा के साथ, Prime Minister कार्नी बोले- लोगों ने स्पष्ट विकल्प चुना

ओटावा, 20 अक्टूबर . कनाडा से अलग होने को लेकर अल्बर्टा में हुए पहले जनमत संग्रह में निवासियों ने एकजुटता दिखाई. मतदाताओं ने बड़े अंतर से कनाडा के साथ बने रहने का जनादेश दिया और अलगाव के प्रस्ताव को नकार दिया. यह Prime Minister मार्क कार्नी के लिए एक बहुत जरूरी जीत है, जो अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर के बीच देश को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं. Tuesday को कार्नी ने इसे एकता को चुनने की ओर बढ़ा कदम बताया.

कार्नी ने इस जीत पर एक बयान जारी किया. social media पर भी उनके आधिकारिक अकाउंट से शेयर किया गया. इसमें कनाडा के पीएम ने कहा, “अल्बर्टा के लोगों ने एक स्पष्ट विकल्प चुना है. उन्होंने एकता को चुना है, एक साथ मिलकर निर्माण करने और एक-दूसरे का ख्याल रखने का फैसला किया है. उन्होंने जता दिया है कि कनाडा उनके लिए मायने रखता है जो अपने सभी हिस्सों के कुल योग से कहीं बढ़कर है.”

कनाडा के Governmentी राष्ट्रीय प्रसारक, सीबीसी न्यूज, ने Monday देर रात (स्थानीय समयानुसार), 33 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद नतीजों की घोषणा की. उस समय तक गिने गए वोटों में से 76 प्रतिशत लोग कनाडा के साथ बने रहने के पक्ष में थे, जबकि 23 प्रतिशत लोग प्रांत के अलग होने के लिए एक बाध्यकारी (बाइंडिंग) वोट कराने के पक्ष में थे. यह जनमत संग्रह गैर-बाध्यकारी था.

सर्वे करने वालों और विश्लेषकों ने अलगाववादियों की जीत की संभावना को बार-बार खारिज कर दिया था. उन्होंने ऐसे आंकड़े पेश किए थे जिनसे पता चलता था कि पश्चिमी प्रांत के लगभग एक-तिहाई निवासी भविष्य में अलग होने के लिए जनमत संग्रह का समर्थन करते हैं.

अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने मई में इस जनमत संग्रह की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि अब मतदान कराने, इस विषय पर अल्बर्टा के लोगों की राय जानने और आगे बढ़ने का समय आ गया है.

Monday देर रात, स्मिथ ने social media पर एक बयान जारी कर कहा कि वह इस बात से “बहुत खुश” हैं कि शुरुआती नतीजों में कनाडा के साथ बने रहने के लिए व्यापक समर्थन दिख रहा है. उन्होंने कहा कि वह Tuesday को अल्बर्टा के लोगों को संबोधित करेंगी, जिसमें वे नतीजों पर चर्चा करेंगी और बताएंगी कि “अब हमारा प्रांत किस दिशा में आगे बढ़ेगा.”

अलगाववादियों का एक छोटा लेकिन मुखर समूह कई महीनों से एक स्वतंत्र अल्बर्टा के लिए अभियान चला रहा था. उनका तर्क है कि इस प्रांत की ऊर्जा संपदा से कनाडा के गरीब इलाकों को सब्सिडी मिल रही है, और अगर ओटावा की नौकरशाही उनके रास्ते में रुकावट न डाले, तो अल्बर्टा कहीं अधिक समृद्ध हो सकता है.

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केआर/

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