2030 में मेरा कार्यकाल समाप्त होगा, फिर पद पर बने रहने का नहीं इरादा: मिस्र के राष्ट्रपति सीसी

काहिरा, 17 अक्टूबर . मिस्र के President अब्देल फतह अल-सीसी ने ऐलान किया है कि वह 2030 में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा दावेदारी पेश नहीं करेंगे. Saturday को मिलिट्री अकादमी के ग्रेजुएशन समारोह में उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि मिस्र के संविधान को नहीं छुआ जाएगा. यह पूरी तरह तय मामला है और इस पर कोई चर्चा नहीं होगी.”
न्यूज एजेंसी एमईएनए ने बताया कि मिस्र के President अब्देल फतह अल-सीसी ने Saturday को कहा कि 2030 में अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद वह पद पर बने रहने की कोशिश नहीं करेंगे. उन्होंने इस मामले को “पूरी तरह से तय” बताया.
71 वर्षीय सीसी, जो सेना के पूर्व जनरल हैं और 2014 में President बने थे, ने यह बात ‘न्यू एडमिनिस्ट्रेटिव कैपिटल’ में मिस्र की मिलिट्री एकेडमी के एक दीक्षांत समारोह में कही. यह राजधानी उनके प्रमुख मेगा-प्रोजेक्ट्स में से एक है.
काहिरा के पूर्व में स्थित इस विशाल नए शहर में, ग्रेजुएट्स और Governmentी अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीसी ने कहा कि मिस्र के संविधान के साथ “कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी”.
उन्होंने कहा, “अगर मैं तब तक जीवित रहा, तो 2030 तक का समय President के रूप में मेरे कार्यकाल का अंत होगा. यह बात पूरी तरह से तय है और इस पर अब कोई चर्चा नहीं होगी.”
मिस्र का संविधान, जिसे 2013 में तत्कालीन President मोहम्मद मोर्सी को सेना द्वारा सत्ता से हटाए जाने के बाद 2014 में मंजूरी दी गई थी, उसमें मूल रूप से President के लिए चार-चार साल के दो कार्यकाल की सीमा तय की गई थी.
2019 के जनमत संग्रह में मंजूर किए गए संवैधानिक संशोधनों के तहत, President का कार्यकाल चार साल से बढ़ाकर छह साल कर दिया गया. साथ ही, इसमें कुछ ऐसे प्रावधान भी जोड़े गए, जिनकी मदद से सीसी एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ सके.
इन्हीं संशोधनों के तहत, 2023 में सीसी को छह साल के कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया, जो 2030 में समाप्त होगा.
इस बीच आलोचकों और विपक्ष के नेताओं ने आशंका जताई कि संविधान में और बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे सीसी 2030 के बाद भी पद पर बने रह सकें.
President पद का चुनाव लड़ने से पहले, सीसी ने कहा था कि उनकी कोई Political महत्वाकांक्षा नहीं है. लेकिन 2014 में उन्होंने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया और चुनावी दौड़ में शामिल हो गए, जिसमें उनकी जीत हुई.
Saturday को उन्होंने कहा कि 2030 तक के समय का उपयोग नेताओं की एक नई पीढ़ी तैयार करने के लिए किया जाएगा. इसके तहत मिलिट्री एकेडमी में सैकड़ों भावी अधिकारियों, मंत्रियों और President पद के संभावित उम्मीदवारों को शासन-संचालन और नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
सत्ता में अपने 12 वर्षों के दौरान, सीसी ने Government के नेतृत्व में कई बड़े विकास कार्यक्रमों (मेगा-प्रोजेक्ट्स) को आगे बढ़ाया है. आलोचकों का कहना है कि ये परियोजनाएं काफी हद तक कर्ज पर निर्भर रही हैं, जिससे मिस्र पर कर्ज का बोझ बढ़ा है और आर्थिक दबाव पैदा हुआ है.
सिसी के President कार्यकाल को Political विपक्ष, नागरिक समाज और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा है. Government इन आरोपों को खारिज करती है और कहती है कि स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उसकी नीतियां जरूरी हैं.
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