
वॉशिंगटन, 25 अगस्त . भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने जेल में बंद Pakistan के पूर्व Prime Minister इमरान खान के साथ किए जा रहे व्यवहार पर चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के घटनाक्रम Pakistan में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर चिंताजनक संकेत देते हैं.
सुब्रमण्यम ने बताया कि पूर्व Prime Minister के परिवार के एक सदस्य के साथ हुई बैठक के दौरान उन्हें इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और जेल में उनके हालात की विस्तृत जानकारी मिली.
डेमोक्रेटिक सांसद ने एक साक्षात्कार में कहा, “खान परिवार के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया है. उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है. उन्हें आवश्यक चिकित्सीय देखभाल मिलनी चाहिए.”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इमरान खान लोकतांत्रिक जनादेश के आधार पर Pakistan के Prime Minister बने थे.
सुब्रमण्यम ने कहा, “यह याद रखना चाहिए कि इमरान खान Pakistan के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता थे. इसलिए यह Pakistan में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए अच्छा संकेत नहीं है.”
उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन और इस्लामाबाद के रणनीतिक संबंध अमेरिकी सांसदों को Pakistan में हो रही घटनाओं पर सवाल उठाने से नहीं रोकने चाहिए.
उन्होंने कहा, “भले ही Pakistan अमेरिका का सहयोगी देश है और यहां एक मजबूत Pakistanी-अमेरिकी समुदाय मौजूद है, लेकिन हमें अपने सहयोगियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए और जो कुछ हो रहा है उस पर खुलकर बोलना चाहिए.”
Pakistan की मौजूदा स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में सुब्रमण्यम ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इमरान खान को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलें.
उन्होंने कहा, “अभी हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें जरूरी इलाज मिले और Pakistan में लोकतंत्र को प्रोत्साहन और समर्थन मिले.”
सांसद ने कहा कि वह Pakistan के घटनाक्रम को लेकर लगातार पत्र लिखते रहेंगे और सार्वजनिक रूप से अपनी आवाज उठाते रहेंगे.
उन्होंने कहा, “इसी कारण मैं लगातार पत्र भेज रहा हूं और खुलकर बोल रहा हूं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि Pakistan में लोकतंत्र जीवित रहे. मेरा मानना है कि यह वहां के लोगों और अमेरिका-Pakistan संबंधों, दोनों के लिए अच्छा है.”
सुब्रमण्यम ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में Pakistan की भूमिका पर भी चर्चा की.
उन्होंने कहा, “इस समय Pakistan अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. हालांकि ये वार्ताएं अब तक सफल नहीं रही हैं, लेकिन Pakistan की यह भूमिका महत्वपूर्ण है.”
उन्होंने आगे कहा, “Pakistan अभी भी अमेरिका का सहयोगी है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से मुझे जनरल असीम मुनीर और वहां की व्यवस्था को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.”
सुब्रमण्यम ने कहा कि अमेरिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह Pakistan में लोकतंत्र पर होने वाले किसी भी हमले का मूक समर्थक न बने.
हालांकि, उन्होंने ईरान के साथ Pakistan की कूटनीतिक पहल से किसी त्वरित सकारात्मक परिणाम की संभावना को लेकर संदेह भी जताया.
उन्होंने कहा, “मुझे इस बात पर कुछ संदेह है कि इससे कोई तत्काल सकारात्मक परिणाम निकलेगा.”
अमेरिकी सांसद ने President डोनाल्ड ट्रंप की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के साथ संघर्ष को लेकर ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस के साथ कोई दीर्घकालिक रणनीति साझा नहीं की है.
सुब्रमण्यम ने कहा, “पिछले वर्ष कांग्रेस में हमें बताया गया था कि स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सहायता और अमेरिकी नागरिकों की बुनियादी जरूरतों के लिए पर्याप्त धन नहीं है. लेकिन एक साल बाद हम ईरान में प्रतिदिन एक अरब डॉलर खर्च कर रहे हैं.”
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पीएम