अमृतसर एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड: मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पाकिस्तान से जुड़े साजिश के तार

अमृतसर, 20 सितंबर . अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पंजाब Police ने Sunday देर रात मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में मार दिया. मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गोली लगी थी. अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई. हालांकि, Police की इस कार्रवाई में एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया.

कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल ने मीडिया को बताया कि Police मुठभेड़ के दौरान एक हमलावर मारा गया है, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा. आरोपी की पहचान अमृतसर के मुले चक के रहने वाले दीपक सिंह के रूप में हुई है.

Police कमिश्नर ने बताया कि 18 सितंबर को एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के बाद से ही पूरा Police महकमा इस मामले को सुलझाने में जुटा हुआ था. Saturday दोपहर से ही शहर और आसपास के इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर सघन नाकाबंदी की गई थी. Police को पुख्ता इनपुट मिले थे कि संदिग्ध इलाके में घूम रहे हैं और किसी अन्य टारगेट की तलाश में हैं. इसी दौरान जब Police ने तरनतारन के थांदा रोड नाके पर एक स्कूटी पर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने रुकने के बजाय Police पार्टी पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी.

Police अधिकारी के अनुसार, वारदात के बाद जब Police टीम ने उनका पीछा किया, तो आरोपियों ने एक स्थान पर स्कूटी खड़ी करके Police पर फिर से गोलियां चलानी शुरू कर दीं. हमलावरों की ओर से चलाई गई चार गोलियों में से दो Police की गाड़ी पर लगीं, जबकि एक गोली सीआईए (सीआईए) के जवान की छाती पर लगी. राहत की बात यह रही कि जवान ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उसकी जान बच गई.

Police ने आत्मरक्षा में 6 राउंड जवाबी फायर किए, जिसमें एक हमलावर को गोली लगी. घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक आधार कार्ड और जांच के अनुसार आरोपी की उम्र लगभग 25 से 28 वर्ष आंकी गई. अंधेरे का लाभ उठाकर भागे दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

प्रेस वार्ता के दौरान Police कमिश्नर ने सनसनीखेज खुलासा किया कि इस पूरी साजिश की डोर सीमा पार Pakistan में बैठे हैंडलर्स से जुड़ी हुई है. Pakistanी हैंडलर ने पंजाब के इन युवाओं को पैसों और नशे (चिट्टे) के व्यापार में हिस्सेदारी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था. कमिश्नर ने बताया कि Pakistan में बैठे आकाओं द्वारा युवाओं से बाकायदा अपने ‘वफादार’ होने का प्रमाण मांगा जाता है. इसी के चलते वे अकेले Policeकर्मियों को टारगेट करवाते हैं.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एएसआई हरजीत सिंह को गोली मारने के बाद मौके पर लौटकर 30-40 सेकंड का एक वीडियो बनाया था, ताकि सीमा पार अपने आकाओं को काम पूरा होने का सबूत भेज सकें. यह पूरी हरकत cctv फुटेज में भी कैद हुई है. Police मोबाइल की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि विदेशी हैंडलर्स के पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया जा सके.

Police कमिश्नर ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे ही राज्य के युवा Pakistanी तस्करों के बहकावे में आकर अपनों पर ही गोलियां चला रहे हैं. शहीद एएसआई अपनी मेहनत से सिपाही से तरक्की पाकर एएसआई बने थे, जिनके पीछे उनका भरा-पूरा परिवार, दो बेटियां और 15 साल बाद जन्मा एक छोटा बेटा, बर्बाद हो गया. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर कड़ी नजर रखें और उन्हें social media के जरिए असामाजिक तत्वों व नशे के दलदल में फंसने से बचाएं.

इससे पहले, पंजाब के Governor गुलाब चंद कटारिया ने एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर प्रश्न खड़े किए. उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि ये बहुत दुखद है. मैं हमेशा से कह रहा हूं कि पंजाब की विभिन्न घटनाएं, वास्तव में हमारे कानून व्यवस्था की कमजोरियों को दिखाती है.

Governor ने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमारा प्रयास अब तक उस सफलता तक नहीं पहुंच पाया है, जिसकी जनता हमसे उम्मीद करती है. हम उस उम्मीद पर पूरा खरा उतरने का प्रयास करेंगे.

डीसीएच/

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