
Mumbai , 15 सितंबर . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Tuesday को हिंदी भाषा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर उठे विवाद में उनका बचाव किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष शाह के भाषण की चुनिंदा व्याख्या कर रहा है और उनके बयान को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत कर रहा है.
उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्री ने किसी भाषा का विरोध नहीं किया, बल्कि भारतीय भाषाओं के महत्व पर जोर दिया था. विपक्ष Political लाभ के लिए उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है और अनावश्यक विवाद पैदा कर रहा है.
नवी Mumbai में राजभाषा सम्मेलन में बोलते हुए अमित शाह ने Maharashtra को एक प्रमुख बहुभाषी राज्य बताया और कहा कि अपनी मातृभाषा के साथ-साथ एक और राष्ट्रीय भाषा सीखने का विरोध करने का कोई कारण नहीं है. इस बयान के बाद शिवसेना (यूबीटी) और Maharashtra नवनिर्माण सेना (मनसे) ने आलोचना की.
अप्रत्यक्ष रूप से असहमति जताते हुए मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने social media पर एक संदेश पोस्ट किया, जिसमें कहा गया, “कौवे के श्राप से गाय नहीं मरती. अभी के लिए बस इतना ही.”
Chief Minister फडणवीस ने पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मातृभाषा के महत्व पर जोर दिया था और Maharashtra में मराठी के सही दर्जे को रेखांकित किया था.
कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की रैली के लिए Mumbai Police द्वारा अनुमति न दिए जाने पर Chief Minister फडणवीस ने जोर दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है, खासकर आगामी त्योहारों के मौसम में.
उन्होंने कहा कि नए आवेदनों की योग्यता के आधार पर समीक्षा की जाएगी और राज्य Government ने जरांगे की कई मांगों को पहले ही स्वीकार कर लिया है, जबकि अन्य मांगें अदालत के समक्ष लंबित हैं.
दिशा सालियन मामले में Political हस्तियों के नाम वाली सीबीआई की First Information Report पर Chief Minister फडणवीस ने कहा कि उन्होंने अभी तक दस्तावेज की समीक्षा नहीं की है. सीबीआई उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है और कानूनी प्रक्रिया के दौरान जल्दबाजी में अटकलें लगाने से बचने की सलाह दी.
Chief Minister फडणवीस ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने Tuesday को गन्ना किसानों का समर्थन करने, सहकारी चीनी मिलों को मजबूत करने और शासन योजनाओं के मूल्यांकन में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी.
प्रमुख घोषणाओं में सहकारी चीनी मिलों को आसान शर्तों पर ऋण (सॉफ्ट लोन) उपलब्ध कराना, Maharashtra तकनीकी सहायता सेल (‘महा-टेक’) की स्थापना और अहिल्यानगर जिले में कृषि भूमि की वापसी के संबंध में एक ऐतिहासिक निर्णय शामिल था.
संकटग्रस्त सहकारी चीनी मिलों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करने के लिए राज्य Government ने आसान शर्तों पर ऋण को मंजूरी दी. Chief Minister ने कहा कि यह पूंजीगत सहायता चीनी मिलों को 2025-26 पेराई सत्र के लिए किसानों के लंबित उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) बकाया का भुगतान करने और आगामी 2026-27 सत्र के लिए सुचारू तैयारी सुनिश्चित करने में मदद करेगी.
मंत्रिमंडल ने राज्य Government की योजनाओं का मूल्यांकन और अनुकूलन करने के लिए Maharashtra तकनीकी सहायता सेल (‘महा-टेक’) के गठन को मंजूरी दी. आईआईएम Mumbai और सेंटर फॉर प्लानिंग एंड पॉलिसी रिसर्च के साथ मिलकर काम करते हुए, यह सेल अगले साल राज्य की 25 अहम नीतियों और 25 बड़ी कल्याणकारी योजनाओं का बारीकी से मूल्यांकन करेगा, ताकि फैसले लेने की क्षमता और योजनाओं को लागू करने की असरदारता को बेहतर बनाया जा सके.
हरेगांव गांव (श्रीरामपुर तालुका, अहिल्यानगर जिला) के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि कैबिनेट ने Maharashtra राज्य कृषि निगम के पास मौजूद जमीन को उनके मूल मालिकों को वापस करने का फैसला किया है. इस ट्रांसफर को आसान बनाने के लिए Maharashtra कृषि भूमि अधिनियम, 1961 में जरूरी बदलावों को मंज़ूरी दी गई.
कैबिनेट ने नासिक नगर निगम की इमारत में स्थित Maharashtra साहित्य परिषद की नासिक शाखा के लिए स्टडी सेंटर और लाइब्रेरी बनाने के मकसद से लीज डीड रजिस्ट्रेशन पर स्टाम्प ड्यूटी से पूरी छूट को भी मंजूरी दी.
कैबिनेट ने वर्धा जिले में अरवी नगर परिषद को कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए 6,240.30 वर्ग मीटर Governmentी जमीन मुफ्त में ट्रांसफर करने की मंजूरी दी.
इसके अलावा कैबिनेट ने Maharashtra नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप अधिनियम, 1965 में बदलावों को मंजूरी दी. कैबिनेट ने Mumbai Police हाउसिंग टाउनशिप प्रोजेक्ट के चेयरमैन के ऑफिस के लिए चार नए प्रशासनिक पद बनाने और उनके खर्च के लिए प्रशासनिक मंजूरी भी दी.
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एससीएच/वीसी