अमित शाह के बयान पर विपक्ष ने उठाए सवाल, कहा- सार्वजनिक करें घुसपैठियों के नाम

New Delhi, 3 नवंबर . कांग्रेस और Jharkhand मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान 13 करोड़ नाम काटे गए हैं, जिनमें से 3 करोड़ घुसपैठिए हैं. दूसरी तरफ Mumbai में शिवसेना नेता आनंद दुबे ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया है.
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि गृह मंत्री को घुसपैठियों की सूची जारी करनी चाहिए. अगर वे दावा कर रहे हैं कि जिन 13 करोड़ मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किया गया है, उनमें 3 करोड़ घुसपैठिए हैं, तो उन्हें बताना चाहिए कि वे घुसपैठिए कहां से आए हैं.
उन्होंने कहा, “अगर India में घुसपैठ हुई है, तो यह सबसे बड़ी खामी गृह मंत्रालय की है कि उसने घुसपैठ को रोका क्यों नहीं? इसलिए इस तरह का बयान देने से पहले गृह मंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को यह बताना चाहिए कि उनके अनुसार अगर 3 करोड़ घुसपैठिए आए हैं, तो वे किस देश से आए हैं, उनके नाम क्या हैं और उन्हें यह जानकारी कहां से मिली कि 13 करोड़ में से 3 करोड़ घुसपैठिए हैं.”
वहीं रांची में Jharkhand मुक्ति मोर्चा के नेता मनोज पांडे ने भी अमित शाह के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा, “इन नामों को सार्वजनिक करें. हम आपको ऐसा करने की चुनौती देते हैं. राहुल गांधी पहले ही चुनौती दे चुके हैं और हम भी यही कह रहे हैं. पहचान करें कि घुसपैठिए कौन हैं.”
मनोज पांडे ने कहा कि अगर वे वास्तव में घुसपैठिए हैं, तो उन्हें देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए और उन्हें देश से बाहर निकाला जाना चाहिए. गृह मंत्रालय आपके नियंत्रण में है और आप भारी बहुमत के साथ Government चला रहे हैं. अब आप दावा कर रहे हैं कि देश में 3 करोड़ घुसपैठिए हैं, जबकि Government चुपचाप सब देख रही है. उन्होंने कहा कि आप अपनी ही नाकामियों को उजागर कर रहे हैं, इसलिए आपको इस्तीफा दे देना चाहिए.
दूसरी तरफ Mumbai में शिवसेना नेता आनंद दुबे ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि अमित शाह ने बिल्कुल सही जगह पर चोट की है. उनके बयान से दो समूहों को झटका लगा है.
आनंद दुबे ने कहा, “पहला समूह उन लाखों घुसपैठियों का है जो India में अवैध रूप से रहते हैं, वोट डालते हैं और कुछ खास लोगों को Government बनाने में मदद करते हैं. दूसरा समूह उन लोगों का है जो इन घुसपैठियों को संरक्षण देते हैं, उनका समर्थन करते हैं और उनके जरिए अपना Political प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं.”
उन्होंने कहा कि इन दोनों समूहों को चोट पहुंची है, इसलिए वे परेशान और निराश हैं. अगर विपक्ष Government को चुनौती देना चाहता है, तो अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि वे संसद में आएं और कार्यवाही में हिस्सा लें, बजाय बाहर बयानबाजी करने के.
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पीआईएम/एएस


