‘अभिव्यक्ति की आजादी से कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़नी चाहिए’, स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत पर अखिलेश प्रसाद सिंह

New Delhi, 5 सितंबर . स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत, उनकी रिहाई की मांग को लेकर संसद मार्ग Police स्टेशन के बाहर हिंदू संगठनों के प्रदर्शन, सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने और शिक्षक दिवस पर Prime Minister Narendra Modi के दिल्ली विश्वविद्यालय दौरे को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो.

स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत को लेकर सवाल किए जाने पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि उसके कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो जाए. यदि किसी गतिविधि से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा होती है, तो Police की ओर से संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है.

स्वतंत्र भारद्वाज की रिहाई की मांग को लेकर संसद मार्ग Police स्टेशन के बाहर कुछ हिंदू संगठनों के विरोध-प्रदर्शन पर भी अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि जिसे प्रदर्शन करना है, वह जाकर करे. Government और Police की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी परिस्थितियों पर नजर रखे. उन्होंने इस प्रदर्शन को लेकर किसी विशेष Political टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि यह कोई ऐसी बड़ी बात नहीं है, जिस पर उनकी विशेष प्रतिक्रिया ली जाए.

शिक्षक दिवस के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi के दिल्ली विश्वविद्यालय जाकर छात्रों को संबोधित करने के कार्यक्रम पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ का चुनाव होता है और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) भी चुनाव लड़ती है. Prime Minister मोदी का दिल्ली विश्वविद्यालय जाना एक खास Political फोकस के तहत हो रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र Government की पढ़ाई-लिखाई और छात्रों की शिक्षा से उतनी गंभीरता से जुड़ाव नहीं है, जितना होना चाहिए.

सहारनपुर में एक मस्जिद गिराए जाने के सवाल पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में सुना है कि कार्रवाई अदालत के फैसले के आधार पर हुई है. यदि यह न्यायालय का निर्णय है, तो उस पर Political प्रतिक्रिया देने का कोई सवाल नहीं है.

पीएसके

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