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Thursday, 22 October 2026
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अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को पूरा कर रहे हैं पीएम मोदी : नितिन नवीन

अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को पूरा कर रहे हैं पीएम मोदी : नितिन नवीन

New Delhi, 21 अक्टूबर . भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने Wednesday को भारतीय जनसंघ की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम के बारे में कहा कि आज हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है कि जनसंघ, ​​जिसकी स्थापना हमारे पहले अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक विशेष उद्देश्य और मिशन के साथ की थी, उसने 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं.

भाजपा अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मैं इस यात्रा को सफल मानता हूं. जिन उद्देश्यों के साथ इसकी स्थापना हुई थी- चाहे वह सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की जड़ों को मजबूत करना हो, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का विजन हो, विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ‘अंत्योदय’ का लक्ष्य हो या फिर एक पारदर्शी Government यानी ‘सुशासन’ देने का विचार हो, इन सभी उद्देश्यों और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को Prime Minister Narendra Modi पूरा कर रहे हैं.

नितिन नवीन ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि New Delhi में जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ‘संकल्प से समर्पण तक’ की गौरवशाली यात्रा को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया. जनसंघ से भाजपा तक की यह 75 वर्षों की यात्रा राष्ट्रनिष्ठा, वैचारिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरक गाथा है.

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जनसंघ के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर रघुमल आर्य गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, राजा बाजार, New Delhi में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. आइए, अपनी मां और मातृभूमि के सम्मान में एक पौधा लगाएं और हरित एवं समृद्ध India के निर्माण में योगदान दें.

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई थी, जो एक ऐसे दौर में शुरू हुई जब देश विभाजन की त्रासदियों और विस्थापितों की समस्याओं से जूझ रहा था. एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे की दृढ़ हुंकार के साथ कश्मीर में परमिट सिस्टम के विरोध में डॉ. मुखर्जी ने ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ा और देश की एकता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया.

डॉ. मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और नानाजी देशमुख जैसे महान नेताओं ने संगठन को एकात्म मानववाद और राष्ट्रवाद की नई शक्ति दी. 1975 के आपातकाल के कठिन दिनों में जनसंघ ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अग्रणी भूमिका निभाई और 1980 में जनता पार्टी के विघटन के बाद भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ.

पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में साल 2019 में अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए हटाकर डॉ. मुखर्जी के सपनों को पूर्ण किया गया. ‘राष्ट्र प्रथम’, ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ के सिद्धांतों पर आधारित यह 75 वर्षों की लंबी और गौरवशाली यात्रा आज गरीब कल्याण, आयुष्मान भारत, Prime Minister आवास और हर घर जल जैसी योजनाओं के जरिए हर नागरिक के जीवन में उजाला फैला रही है. राष्ट्र सेवा को समर्पित यह यात्रा अनवरत जारी है.

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डीकेएम/पीएम

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