Friday , 14 May 2021

कोरोना वैक्सीन लगवाने रुचि नहीं ले रहे डॉक्टर्स, 300 में से 63 ने लगवाया टीका

रोहतक (Rohtak) . प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान रोहतक (Rohtak) पीजीआई में डॉक्टर्स ही वैक्सीन लगवाने में रुचि नहीं ले रहे. पहले दिन 300 हेल्थ वर्कर का रजिस्ट्रेशन किया गया था, जिसमें से सिर्फ 63 ने वैक्सीन लगवाई. वहीं, दूसरे दिन यह संख्या घटकर महज 10 पर रह गई.

इस बारे में वैक्सीनेशन की संयोजक सीनियर रेजिडेंट डा. शीबा शेट्टी ने कहा कि टीका लगवाने के ‎लिए हेल्थ केयर वर्कर सामने नहीं आ रहें, जिसकी कई वजह हैं. लोगों में भ्रम है कि इसके कोई साइड इफेक्ट हैं. मैंने खुद वैक्सीन लगवाई और 24 घंटे से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन अभी तक मुझे किसी तरह की कोई दिक्कत सामने नहीं आई. हेल्थ केयर वर्कर को सामने आना चाहिए, क्योंकि एक वाइल से 10-12 डोज दी जाती हैं, अगर उसका पूरा प्रयोग नहीं होता तो हमें चार घंटे बाद उसे नष्ट करना होता है. इससे वैक्सीन खराब होने की संभावना बढ़ रही है, इसलिए हेल्थ केयर वर्कर को आगे आना चाहिए. वहीं, स्टॉफ नर्स (Nurse) नीलम सुहाग ने बताया कि अगर कोई भी वैक्सीन लगवाने के लिए आता है तो सबसे पहले उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती है और वैक्सीन के बारे में बताया जाता है. अगर स्वस्थ हैं तो उन्हें वैक्सीन देकर आधे घंटे तक निगरानी में रखा जाता है.

वैक्सीन लगवाने वाले डॉक्टर (doctor) करण सिवाच और मयंक दत्ता ने कहा कि किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं है और ना ही उन्हें कोई दिक्कत आई. कुछ लोगों में इसको लेकर भ्रम है जो कि बिल्कुल निराधार है. रोहतक (Rohtak) पीजीआई में सोमवार (Monday) से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ, लेकिन पहले दिन 300 रजिस्ट्रेशन में से सिर्फ 63 लोगों ने वैक्सीन लगवाई. आज 450 लोगों को रजिस्टर्ड किया गया, जिसमें से दोपहर तक सिर्फ 10 लोग ही वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे. रोहतक (Rohtak) पीजीआई में काम करने वाले हेल्थ केयर वर्कर्स का वैक्सीनेशन में आगे न आना एक गलत संदेश दे रहा है, जिससे लोगों में इस वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां फैलेंगी, जोकि सही नहीं है.

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