Friday , 14 May 2021

मिट्टी धंसने से सास और बहू की मौत, दमुआ के तराई-बातरी का मामला, मरम्मत के लिए मिट्टी लेने गई थी महिलाएं

छिंदवाड़ा (Chhindwara) /जबलपुर (Jabalpur) . दमुआ के तराई गांव में गढ्डे से मिट्टी निकालने गई दो आदिवासी महिलाओं की मिट्टी धंसने से दबकर मौत हो गई. घटना सोमवार (Monday) सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है. इस हादसे में जान गवाने वाली महिलाए आपस में सास और बहु बताई जा रही है. इधर इस दर्दनाक हादसे के बाद तराई गांव में मातम पसर गया है. दोनों शवों को देर शाम पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजन को सौंप दिया गया है. घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार दमुआ से करीब 17 किमी दूर स्थित ग्राम तराई गांव की महिलाएं प्रतिदिन पहाड़ी से मिट्टी खोदने जाती थी. इसके कारण यहां की पहाड़ी में काफी बड़ा गढ्डा हो गया.

सोमवार (Monday) सुबह करीब 11 बजे ग्राम तराई निवासी सरना बाई पति बतरलाल उईके (40) अपनी भतीजी बहु बुधिया बाई पति राजेश उइके सहित चार अन्य महिलाएं मकान की मरम्मत के लिए गढ्डे से मिट्टी खोदने गई थी. सभी महिलाएं मिट्टी खोदकर निकाल रही थी, इसी दौरान अचानक भरभराकर मिट्टी धसक गई और दोनों सास-बहु उसमें दब गई. दोनों महिलाओं को मिट्टी में दबा देख साथ गई दो अन्य महिलाएं वहां से भाग खड़ी हुई. मिट्टी में दबने के चलते दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई. घटना की सूचना मिलते ही दमुआ पुलिस (Police) मौके पर पहुंची और विलाप कर रहे परिजनों को समझाईश देकर शव कब्जे में लिया और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

जेसीबी से निकाले दोनों शव

दमुआ थाना प्रभारी कोमल दियावार ने बताया कि इस हादसे में सरना बाई पति बतरलाल उईके (40) अपनी भतीजी बहु बुधिया बाई पति राजेश उइके की मिट्टी में दबने से मौत हो गई. दोनों महिलाओं को निकालने के काफी प्रयास किए गए, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका था. उन्होंने बताया कि जेसीबी की मदद से मिट्टी हटवाकर दोनों शवों को बाहर निकाला गया. टीआई ने दियावार ने बताया कि तराई-बातरी रोड स्थित इस गढ्डे में हुए हादसे के बाद यहां से मिट्टी निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

पहले भी हो चुके हैं हादसे

दमुआ के तराई गांव में हुआ यह हादसा पहला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी जुन्नारदेव की बंद खदान से कोयला निकालने के फेर में कई लोग हादसे का शिकार होकर अपनी जान गवां चुके हैं. ऐसे हादसों को देखते हुए जुन्नारदेव पुलिस (Police) ने वेकोलि की मदद से इन खदानों को बंद करवा दिया है. अब दमुआ में भी गढ्डे से मिट्टी निकालने पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगी है.

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