Thursday , 13 May 2021

मप्र में ट्रांसफर से बैन हटेगा

भोपाल (Bhopal) . राज्य सरकार (State government) ने कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देने जा रही है. कैबिनेट की बैठक में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक के लिए ट्रांसफर पर लगे बैन को हटाने के संकेत दिए गए. सामान्य प्रशासन विभाग मार्च तक इसकी पॉलिसी लागू कर देगा. मंत्रियों से अपने-अपने विभाग संबंधित एक-एक इनोवेटिव आइडिया मांगा गया है, जिन्हें विचार-विमर्श कर लागू करने का निर्णय लिया जाएगा.

मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान के चौथे कार्यकाल में पहली बार ट्रांसफर से बैन हटाया जा रहा है. इससे पहले कमलनाथ सरकार ने 5 जून से 5 जुलाई तक एक माह ट्रांसफर से बैन हटाने के लिए पॉलिसी लागू की थी. इसके बाद से 2 साल तक ट्रांसफर हुए, लेकिन इसके लिए प्रस्ताव विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री (Chief Minister) कार्यालय में समन्वय के लिए भेजा जाता था. इस दौरान मंत्रियों को भी ट्रांसफर करने के अधिकार नहीं रहते हैं. लेकिन बैन हटने के दौरान ट्रांसफर के लिए राज्य शासन पॉलिसी लागू करता है.

सूत्रों के मुताबिक इस बार तहसील, जिला व राज्य स्तर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले प्रभारी मंत्री के अनुमोदन पर ही किए जाएंगे. वहीं, प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के स्थानांतरण विभागीय मंत्री के अनुमोदन और जिले के भीतर के तबादले प्रभारी मंत्री व कलेक्टर (Collector) आपसी समन्वय से करेंगे. 5 जून को जब ट्रांसफर से बैन हटा था, तब 70 हजार से ज्यादा आवेदन विभिन्न विभागों और जिला प्रशासन के पास आए थे. इसमें से सबसे अधिक स्कूल शिक्षा में 50 हजार और 15 हजार आवेदन आदिम जाति विभाग में पहुंचे थे. इस सरकार में भी मंत्रियों व विधायकों के पास ट्रांसफर के सैकड़ों आवेदन पड़े हैं. इतना ही नहीं चूंकि ट्रांसफर पर बैन लगने के कारण मंत्रियों की सिफारिश के पत्र व नोटशीट मुख्यमंत्री (Chief Minister) कार्यालय में पहुंच रही हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने ट्रांसफर से बैन हटाने का ऐलान किया है.

11 साल में 6वीं बार हटेगा बैन

वर्ष 2010 के बाद यह 6वीं बार बैन खुल रहा है. इससे पहले जून 2019, जनवरी 2018, जुलाई 2017, मार्च 2016 और 2010 में ही तबादलों पर से प्रतिबंध हटा था.

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