
New Delhi, 18 जुलाई . भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने कहा है कि घुटने की गंभीर चोट के कारण क्रिकेट से दूर बिताए गए समय में उनकी सोच बदली. उन्हें धैर्य और हिम्मत में अटूट विश्वास बढ़ा.
बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) द्वारा Saturday को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में के एक सवाल के जवाब में भाटिया ने कहा, “मुझे लगता है कि जब मैं चोटिल हुई थी, वह समय मेरे लिए बहुत बुरा था. घर में हो रहा विश्व कप न खेल पाने से बुरा क्या होगा. इसके बाद एसीएल इंजरी की वजह से मैं महिला प्रीमियर लीग भी नहीं खेल पाई. रिहैब और बाकी सब चीजों से यह एक लंबा सफर था.”
उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं प्रक्रिया को सही तरीके से फॉलो करती रही, तो मैं क्रिकेट में वापस आ पाऊंगी. मुझे लगता है कि इस सफर ने मुझे रिहैब के दौरान सब्र और हिम्मत रखना सिखाया. बेशक आपको परिणाम न दिखे, लेकिन प्रक्रिया वह चीज है जिस पर आपको टिके रहना है. आपको खुद पर यह भरोसा रखना होगा कि आप वापसी करेंगे.”
यास्तिका ने कहा, “मुझे अपने परिवार, और अपने कोच, और अपने ट्रेनर, फिजियो का अच्छा सहयोग मिला. मुझे लगता है कि उन्होंने एक अच्छा सपोर्ट सिस्टम बनाया था. चोट से पहले की तुलना में मानसिक रूप से मैं अब ज्यादा मजबूत हूं. भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए मुझमें आत्मविश्वास बढ़ा है. अब मुझे कितनी भी चुनौतियों का सामना करना पड़े, मैं उन्हें और भी मजबूती से वापसी करने के लिए ईंधन की तरह इस्तेमाल करूंगी.”
यास्तिका की टीम इंडिया में वापसी शानदार रही है. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में भारतीय टीम को 270 रन की ऐतिहासिक जीत में यास्तिका ने शतकीय पारी खेली थी.
–
पीएके