महिलाओं को राष्ट्र-निर्माण के लिए अपनी स्वाभाविक शक्ति का उपयोग करना चाहिए : राजस्थान के राज्यपाल

jaipur, 18 मार्च . Rajasthan के Governor हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि महिलाएं अबला नहीं, बल्कि ‘सशक्त महिला’ हैं. जब महिलाएं इस दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, तो समाज तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर होता है.

एक निजी विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह को Wednesday को संबोधित करते हुए Governor ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं.

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की वीरता को याद करते हुए उन्होंने कहा कि महज 20 वर्ष की आयु में अंग्रेजों को चुनौती दी थी. उम्र कोई बाधा नहीं है, दृढ़ संकल्प ही किसी भी बाधा को पार करने के लिए पर्याप्त है. Governor ने छात्रों से जीवन के हर क्षेत्र में अग्रणी बने रहने, सकारात्मकता और निडरता को बढ़ावा देने का आग्रह किया.

उन्होंने विश्वविद्यालयों में बौद्धिक क्षमताओं को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया और छात्रों को एकाग्रता और समर्पण के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समृद्धि हमारा सर्वोपरि लक्ष्य होना चाहिए.

लॉर्ड मैकाले द्वारा India में अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली की शुरुआत का जिक्र करते हुए Governor ने टिप्पणी की कि स्वतंत्रता के बाद भी इसका प्रभाव बना रहा. उन्‍होंने लॉर्ड मैकाले की शिक्षा प्रणाली को “गुलाम मानसिकता” को बढ़ावा देने वाला बताया.

उन्होंने कहा कि India Government ने India की समृद्ध स्वदेशी ज्ञान परंपराओं को पुनर्जीवित करने और राष्ट्र को पुनः ‘विश्व गुरु’ के रूप में स्थापित करने के लिए ‘नई शिक्षा नीति’ लागू की है. इस नीति के तहत, उन्होंने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया जो राष्ट्र के विशाल कार्यबल को राष्ट्रीय विकास में प्रभावी ढंग से योगदान देने के लिए सशक्त बना सके.

इस अवसर पर Governor बागड़े ने राज्य की उपChief Minister दीया कुमारी को सामाजिक और सामुदायिक सेवा में उनके विशिष्ट योगदान को मान्यता देते हुए मानद डी. लिट. की उपाधि प्रदान की. उन्होंने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और उपाधियां भी प्रदान कीं.

उपChief Minister दीया कुमारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा राष्ट्रीय विकास का सबसे मूलभूत स्तंभ है. सच्ची सामाजिक प्रगति तभी संभव है, जब महिलाएं आत्मनिर्भर बन जाएं. उन्होंने महिलाओं के लिए शिक्षा तक पहुंच और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की.

डिप्‍टी सीएम ने कहा कि महिलाएं सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रही हैं और उन्होंने महिला छात्रों को उभरते अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया.

विश्वविद्यालय के संस्थापक, दिवंगत अशोक गुप्ता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा के लिए समर्पित एक संस्थान की स्थापना एक दूरदर्शी और अनुकरणीय पहल थी.

कुलाधिपति अमित गुप्ता और कुलपति टीएन माथुर ने भी विश्वविद्यालय की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया.

एएसएच/एबीएम

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