
New Delhi, 18 अप्रैल . कांग्रेस पार्टी की महिला नेताओं ने संसद में महिला आरक्षण बिल के गिरने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने इसे देश की एकता की बहुत बड़ी जीत करार दिया है.
Maharashtra से कांग्रेस नेता संध्या सव्वालाखे ने महिला आरक्षण बिल पारित न होने पर कहा कि यह भाजपा के लिए ब्लैक डे है. यह लोकतंत्र और महिलाओं की जीत है. 2014 से केंद्र Government महिलाओं के मुद्दों पर जो झूठी बातें करती आ रही है, आज उसका पर्दाफाश हो गया है. यह आरक्षण बिल नहीं, बल्कि डिलिमिटेशन का बिल था.
भाजपा नेता स्मृति ईरानी के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मुझे तो लग रहा था कि स्मृति ईरानी देश छोड़कर चली गई हैं. अब वे फिर दिखाई दे रही हैं. जब सिलेंडर के दाम 400 रुपए थे, तब स्मृति ईरानी हमें दिखती थीं, लेकिन उसके बाद से लेकर अब तक वे आगे नहीं आईं. मैं चाहती हूं कि हम उनसे बात करें और उनसे पूछें कि वह जो कह रही हैं, उसमें कितनी सच्चाई है.
उन्होंने कहा कि केंद्र Government ने 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित किया था. अगर Government महिलाओं के समर्थन की बात करती है तो एक काम करना चाहिए था जब 2023 में यह बिल पारित किया गया, तभी इसे लागू कर देना चाहिए था.
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा के लोगों को पहले महिलाओं का सम्मान करना चाहिए.
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह इस देश की जीत है, देश की एकजुटता की, देश की एकता की, देश की अखंडता की जीत है और ये जीत इसलिए जरूरी थी क्योंकि एक दंभ और अहंकार में भरी हुई Government को लगा कि वो कोई भी मंसूबा लाकर इस देश का विभाजन करेगी और एक समूचे विपक्ष ने खड़े होकर उनसे कहा कि बस बहुत हुआ और ऐसा हम आपको नहीं करने देंगे. खासतौर से आधी आबादी के पीछे छिपकर हम आपको इस देश में षड्यंत्र नहीं रचने देंगे. मुझे लगता है ये संविधान की, ये संघीय ढांचे की और ये इस देश की एकता की बहुत बड़ी जीत है. भाजपा को ये समझना चाहिए कि आधी आबादी को हथियार बनाकर देश का विभाजन मत कीजिए.
कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने कहा कि भाजपा के पास कोई काम नहीं है, वह महिलाओं के खिलाफ है. 2023 में जब यह विधेयक पारित हुआ था तो हम लोगों ने उसी समय कहा था कि इसे लागू करो, लेकिन नहीं किया गया. अब महिलाओं को धोखा देने के लिए यह सब किया जा रहा था.
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डीकेएम/डीकेपी