
अमित शाह ने कहा कि मैं इस देश की महिलाओं को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति में कांग्रेस पार्टी द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव, महिलाओं के लिए आरक्षण को 2029 के बाद तक टालने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश है, इसलिए मैं उन सभी का समर्थन करता हूं जो हमारे राज्यों में समान प्रतिनिधित्व की वकालत करते हैं. महिलाओं के लिए आरक्षण 2029 से पहले लागू होना चाहिए. हम इस महत्वपूर्ण सुधार को 2029 के बाद तक टालने की उनकी साजिश को सफल नहीं होने देंगे. यहां कुछ सदस्यों ने भ्रांति फैलाई कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मैं यहां संविधान की नीतियों को स्पष्ट करना चाहता हूं. भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को स्वीकार नहीं करता है. इंडिया महागठबंधन वाले तुष्टिकरण की राजनीति के कारण मुस्लिम आरक्षण की मांग खड़ी करना चाहते हैं, और ये संविधान की बात करते हैं. कोई मुझे बता दे कि संविधान के किस अनुच्छेद में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान है. भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण को मान्यता नहीं देता है. इसके बावजूद, तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित होकर, इंडिया महागठबंधन मुसलमानों के लिए आरक्षण की मांग कर रहा है, जबकि वे अपने इस रुख के समर्थन में संविधान का हवाला भी दे रहे हैं.
गृह मंत्री ने कहा कि मैं कांग्रेस से कहता हूं कि सिर्फ भाषण में नारे लगाने से देश का पिछड़ा वर्ग आपको हितैषी नहीं मानेगा. 1947 से 2014 तक आप ओबीसी का विरोध करते रहे. जब ओबीसी के बिना सत्ता नहीं मिलेगी, यह समझ आ गया, तब आज ओबीसी की माला जप रहे हो. यह दिखावटी प्रेम है, इस देश का पिछड़ा वर्ग भी जानता है और देश की पूरी जनता भी जानती है और आज से देश की महिलाएं भी जानेंगी कि उनका अधिकार कांग्रेस पार्टी ने छीना.
उन्होंने कहा कि मोदी Government के कार्यकाल में 27 मंत्री ओबीसी समुदाय से हैं, जो कुल संख्या का 40 प्रतिशत है. मोदी Government के कार्यकाल में ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया. हमारी Government ने राज्यों को ओबीसी सूची में संशोधन करने का अधिकार देकर उन्हें सशक्त बनाया.
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एमएस/डीकेपी