
New Delhi, 13 जुलाई . Prime Minister Narendra Modi ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर Monday को सुभाषित शेयर किया.
Prime Minister ने social media पर लिखा, “जब चौतरफा विकास के साथ हर देशवासी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है, तब राष्ट्र की प्रगति को भी नई गति मिलती है. इसी प्रेरक भावना के साथ हम India के सामर्थ्य को निरंतर मजबूती देने में जुटे हुए हैं.”
पीएम मोदी ने एक श्लोक “कन्यानां सम्प्रदानञ्च कुमाराणाञ्च रक्षणम्. राष्ट्रस्य सङ्ग्रहे नित्यं विधानमिदमाचरेत्॥” भी शेयर किया है. इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि कन्याओं के हितों की समुचित व्यवस्था करना, नई पीढ़ी के संरक्षण एवं विकास को सुनिश्चित करना तथा राष्ट्र की एकता, सुरक्षा, समृद्धि और सुव्यवस्थित संचालन के लिए निरंतर आवश्यक प्रबंधन करना, ये प्रत्येक जनप्रतिनिधि के नित्य कर्तव्य हैं.
Prime Minister ने 9 जुलाई को social media पर सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था, “दृढ़ विश्वास, सतत प्रयास और सकारात्मक सोच सफलता की असली कुंजी है. हमारे युवा साथी इन्हीं गुणों के साथ पूरे समर्पण भाव से विकसित India के निर्माण में जुटे हैं.” उन्होंने संस्कृत श्लोक “अनिर्वेदः श्रियो मूलमनिर्वेदः परं सुखम्. अनिर्वेदो हि सततं सर्वार्थेषु प्रवर्तकः॥” भी शेयर किया था.
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि उन्नति का मूल आधार उत्साह, दृढ़ विश्वास और निरंतर पुरुषार्थ है. जो व्यक्ति निराश हुए बिना अपने लक्ष्य की ओर सतत प्रयासरत रहता है, वह अंततः सफलता प्राप्त कर लेता है. अतः मनुष्य को दृढ़ विश्वास के साथ निरंतर कर्म करते रहना चाहिए, क्योंकि यही गुण उसके जीवन को प्रगति, सफलता और उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करते हैं.”
पीएम मोदी की ओर से 8 जुलाई को शेयर किए गए सुभाषित पोस्ट में लिखा गया था, “धैर्य किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है. इससे कठिन चुनौतियों के बीच भी देश को एकजुट रहने के साथ ही प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है.”
पीएम मोदी की ओर से एक श्लोक “चलन्ति गिरयः कामं युगान्तपवनाहताः. कृच्छ्रेऽपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मनः..” भी साझा किया गया था.
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि प्रलय के समय प्रचंड वायु के प्रहार से पर्वत भी विचलित होकर हिलने लगते हैं, किंतु विपत्तियों के बीच भी धैर्यवान का मन अचल और अविचलित बना रहता है.
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एसडी/पीएम