
Mumbai , 1 अगस्त . कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों के लिए की जा रही व्यवस्था, फल, शीतल पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित किए जाने पर उठ रहे सवालों पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने Policeकर्मियों का बचाव करते हुए कहा कि Police भी हिंदू है. आखिर कांवड़ियों की सेवा करने से एतराज क्यों है?
से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा कि सावन का महीना चल रहा है. देश के कोने-कोने के शिवभक्त कांवड़ लेकर निकलते हैं और भगवान शिव का अभिषेक करते हैं. कांवड़ यात्री तपस्या कर रहे होते हैं और सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हैं. उनके पैरों में छाले पड़ जाते हैं. ऐसे में वह साक्षात शिव के स्वरूप बन जाते हैं और ऐसे तपस्वियों का अगर Police पैर धो रही है, तो गलत क्या है?
उन्होंने कहा कि Police भी हिंदू है, Police गैर-हिंदू नहीं है. Police का भी एक धर्म है. अगर हिंदू धर्म मानने वाले Policeकर्मी श्रद्धा और भक्ति की वजह से कांवड़ियों की सेवा कर रहे हैं तो यह शिव की सेवा है. शिव की सेवा करने का अधिकार सबको है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अभद्र टिप्पणी करने वाले छात्रों और बच्चों को Prime Minister मोदी द्वारा माफ किए जाने पर संजय निरुपम ने कहा कि भटके हुए नौजवानों और नवयुवतियों ने पीएम मोदी और उनकी स्वर्गीय माताजी के लिए जिस तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, निश्चित तौर पर किसी को भी झकझोर देने वाला था. पूरे देश को आहत करने वाला था. इस घटना से पीएम मोदी को पसंद करने वाले, उनका आदर करने वाले लोग बहुत दुखी थे. कानून अपना काम कर रहा था और Police एक्शन ले रही थी, लेकिन पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने बड़े दिल का परिचय दिया. उन्होंने साफ कहा कि कुछ बच्चे भटके हुए थे, उन्हें पता नहीं था कि वे क्या कर रहे हैं. बचपन में गलतियां होती हैं, उन्हें माफ कर देना चाहिए. Prime Minister ने गालीबाज ‘जेनजी’ को माफ कर दिया और सुधरने का एक मौका देने की बात कही है.
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष पीएम मोदी के इस आचरण पर सवाल उठाता है तो इससे गलत कुछ नहीं हो सकता है.
संजय निरुपम ने कहा कि Prime Minister social media का इस्तेमाल करने में माहिर हैं. उन्होंने 2014 से social media प्लेटफॉर्म का अच्छे तरीके से इस्तेमाल किया है और इससे वह लोगों तक पहुंचे. इंस्टाग्राम इस वक्त ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां देश ही नहीं बल्कि दुनिया के नौजवान एक्टिव हैं. वहीं पर ये नौजवान अपनी खास भाषा शैली में एक-दूसरे से बातचीत करते हैं. Prime Minister ने भी उसी माध्यम को चुना और देश के जेनजी से संपर्क कर रहे हैं, यह समझदारी से लिया गया फैसला है.
राम मंदिर मामले को लेकर विपक्ष के संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन पर संजय निरुपम ने राहुल गांधी और पप्पू यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पप्पू यादव और राहुल गांधी दोनों एक ही तरह के इंसान हैं. दोनों सनातन विरोधी हैं. दोनों India विरोधी और हिंदू विरोधी हैं. इन्हें सिर्फ सनातन का विरोध करने का मौका चाहिए होता है.
उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले से हर कोई आहत है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष ने संसद परिसर में नाटक किया, वह असंसदीय और अशोभनीय भी है. पप्पू यादव भगवा धारण करके चंदा चोरी करते दिखाए जा रहे हैं. चंदा देने वालों में सबसे पहले राहुल गांधी दिखाई दिए. सवाल यह है कि क्या अयोध्या चोरी मामले में भगवाधारी साधु और संत शामिल थे?
उन्होंने कहा कि मामले की एसआईटी जांच चल रही है. जिन लोगों पर चोरी की आशंका है, उनमें से कोई भी साधु नहीं है. साधु संत यह सब कर ही नहीं सकते, लेकिन पप्पू यादव ने साधु-संतों को अपमानित करने का मौका मौका खोज लिया.
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एएमटी/एबीएम