क्या है ‘साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड’, मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों की कैसे करता है मदद?

New Delhi, 23 अप्रैल . गर्मी के मौसम में न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है. बढ़ती गर्मी, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन और रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली परेशानियां कई लोगों में चिंता, तनाव, घबराहट और उदासी बढ़ा देती हैं. ऐसे समय में साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड (पीएफए) बहुत उपयोगी साबित हो सकता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, यह संकट की स्थिति में परेशान लोगों को तुरंत मानसिक सहारा देने का एक सरल और प्रभावी तरीका है. साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड कोई दवा या थेरेपी नहीं है. यह उन लोगों के लिए सहायक प्रतिक्रिया है जो किसी संकट, आपदा या तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहे हैं. इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को सुरक्षित, जुड़ा हुआ, शांत और आशावान महसूस कराना है. यह सुनने, आराम देने और भावनात्मक समर्थन देने पर आधारित है.

गर्मियों में कई लोग गर्मी के कारण चिड़चिड़ापन, नींद न आना, काम में मन न लगना और परिवार में झगड़े जैसी समस्याओं का सामना करते हैं. इन स्थितियों में पीएफए तुरंत मदद कर सकता है और लंबे समय तक मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में सहायक सिद्ध होता है.

अब सवाल है कि पीएफए क्यों जरूरी है? जब कोई व्यक्ति मानसिक संकट में होता है, तो उसे सबसे ज्यादा जरूरत होती है कि वह खुद को सुरक्षित महसूस करे, दूसरों से जुड़ा हुआ अनुभव करे और उम्मीद बनी रहे. साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड इन्हीं भावनाओं को मजबूत करता है. यह व्यक्ति को शांत होने में मदद करता है और आगे की ठीक होने की प्रक्रिया को आसान बनाता है.

साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड कोई भी व्यक्ति दे सकता है, बस कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. इसके लिए सबसे पहले व्यक्ति की सुरक्षा और जरूरी जरूरतों (पानी, छाया, आराम) का ध्यान रखें. इसके साथ ही बिना बीच में टोके या सलाह दिए पीड़ित व्यक्ति की बात धैर्य के साथ ध्यान से सुनें. सम्मान के साथ उनकी भावनाओं को स्वीकार करें और बीच बेवजह रोकटोक न करें. पीड़ित व्यक्ति को सहारा दें, उन्हें बताएं कि वे अकेले नहीं हैं. जरूरत पड़ने पर उन्हें सही सेवाओं या मदद से जोड़ें. सबसे जरूरी है कि शांत रहें, उनकी उथल-पुथल भरी स्थिति में खुद शांत रहकर उन्हें स्थिरता का अहसास कराएं.

यह कोई जटिल ट्रेनिंग वाला काम नहीं है. कोई भी व्यक्ति थोड़ी सी ट्रेनिंग लेकर आसपास के लोगों को साइकोलॉजिकल फर्स्ट एड दे सकता है. परिवार के सदस्य, दोस्त, शिक्षक या पड़ोसी आसानी से यह सहायता प्रदान कर सकते हैं. गर्मी के मौसम में अगर कोई व्यक्ति चिंतित, उदास या घबराया हुआ लगे तो तुरंत उसकी बात सुनें, उसे ठंडी जगह पर आराम करने दें और जरूरत हो तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें.

एमटी/पीएम

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