
Mumbai , 24 अप्रैल . राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत कई सांसदों के आम आदमी पार्टी (आप) को छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर सियासी बायनबाजी तेज है. इस बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने Friday को शायराना अंदाज में तंज कसा.
शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने से बात करते हुए कहा, “जिन्होंने भाजपा के लिए बना दिया नया अड्डा और ‘आप’ के लिए खोद दिया गड्ढा, उनका नाम है राघव चड्ढा. भाजपा ने देश में ऐसा माहौल बना दिया है कि उन्हें विपक्ष चाहिए ही नहीं. अगर 10 में से सात राज्यसभा सांसद ‘आप’ में से भाजपा में शामिल हो गए, तो उनके पास बचा क्या? उनकी पार्टी आम आदमी के लिए बनी थी, लेकिन अगर उनके सदस्य ही राज्यसभा सांसद ही खास आदमी हो गए और सभी भाजपा में चले गए, तो सवाल हमसे नहीं, भाजपा से बनता है.”
उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी में क्या चल रहा है और क्या नहीं चल रहा है, यह तो वही बताएंगे. लेकिन जिस प्रकार के ऑपरेशन लोटस के बारे में हमने सुना था, 2022 में हमारी शिवसेना को तोड़कर कैसे दो शिवसेना बनाई गई, कैसे कई सारे सांसद और विधायक चले गए, वही आज आम आदमी पार्टी में हो रहा है और कल Samajwadi Party और कांग्रेस में होगा. भाजपा को विपक्ष-मुक्त India चाहिए. केजरीवाल अपनी पार्टी संभाल नहीं पा रहे हैं. वो जिन नीतियों को लेकर आए थे, अगर उस पर खरे उतरते तो आज यह दिन देखना नहीं पड़ता. पहले आपने स्वाति मालिवाल से झगड़ा किया और फिर राघव चड्ढा से किनारा करने की कोशिश की.”
आनंद दुबे ने मराठी भाषा के मुद्दे पर कहा, “Maharashtra के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने रिक्शा और ऑटो चालकों को मराठी आने वाला जो फरमान दिया है, मेरा कहना है कि यह सभी को आना चाहिए. Bollywood एक्टर और बड़े-बड़े उद्योगपतियों को भी आना चाहिए. हमारी मांग है कि Mumbai में अगर कोई फ्लैट खरीदता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन उसी को दिया जाए, जिसे मराठी बोलने, लिखने और समझने आता हो. बल्कि मराठी का छोटा सा एग्जाम हो. सिर्फ रिक्शा और टैक्सी वाले ही क्यों, सभी को मराठी सीखनी चाहिए.”
उन्होंने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक वोटर टर्नआउट पर कहा, “ज्यादा वोटिंग Government बदलने के लिए होती है, लेकिन यह भी हो सकता है कि Government बचाने के लिए वोटिंग हो रही हो. ज्यादा वोटिंग एसआईआर का खेल है. हालांकि पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर है और 4 मई को ही साफ हो पाएगा कि जनता ने क्या रुख अपनाया है.”
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एससीएच/एबीएम