
कोलकाता, 17 फरवरी . पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे तीन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने निलंबित कर दिया है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने Tuesday को यह जानकारी दी. निलंबित सूक्ष्म पर्यवेक्षकों पर काम में लापरवाही बरतने का आरोप है.
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि ईसीआई द्वारा नियुक्त जिला मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आज दोपहर तीन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को निलंबित कर दिया है. ईसीआई में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत मतदाता सूची सूक्ष्म पर्यवेक्षकों (ईआरएमओ) को अपने काम का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए और यदि वे अपना काम किसी और को सौंपते हैं, तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे.
जिन तीन सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों को निलंबित किया गया है, उनमें बंगाल ग्रामीण विकास बैंक के एक प्रबंधक, सार्वजनिक क्षेत्र के यूको बैंक के एक वरिष्ठ प्रबंधक और एक केंद्रीय उत्पाद शुल्क निरीक्षक शामिल हैं.
राज्य में चल रहे एसआईआर के लिए चुनाव आयोग द्वारा उन्हें सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था.
आयोग ने तीनों Governmentी अधिकारियों की संलिप्तता की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
उनके मूल नियुक्तिकर्ता प्राधिकरण द्वारा चुनाव आयोग को जांच की प्रगति की नियमित जानकारी दी जाएगी.
इससे पहले, Monday को, चुनाव आयोग ने सात सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया था, ये सभी पश्चिम बंगाल Government के अधिकारी थे.
चुनाव आयोग ने राज्य Government को सातों एईआरओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया.
हालांकि, Tuesday को पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी ने कहा कि इन सात एईआरओ को एसआईआर से संबंधित कर्तव्यों से हटा दिया जाएगा, लेकिन उनमें से किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी.
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एमएस/