पश्चिम बंगाल: भाजपा ने राहुल सिन्हा को राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा

कोलकाता, 3 मार्च . पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने Tuesday को पार्टी के पूर्व नेशनल सेक्रेटरी और पूर्व स्टेट पार्टी प्रेसिडेंट राहुल सिन्हा को राज्य से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार घोषित किया है.

पार्टी की वेस्ट बंगाल इकाई की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि राहुल सिन्हा वेस्ट बंगाल के वरिष्ठ और जाने-माने Political नेता हैं. वे पहले राज्य भाजपा प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं. उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में भाजपा का संगठन मजबूत हुआ और पार्टी ने विभिन्न आंदोलन और गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई. उन्हें उनके बेबाक और मुखर Political रुख के लिए जाना जाता है.

इसके अलावा, उन्होंने भाजपा के नेशनल सेक्रेटरी के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी लगन और ईमानदारी के साथ निभाया. पार्टी के मुताबिक, वेस्ट बंगाल की राजनीति में उनकी मौजूदगी एक मजबूत विपक्ष की आवाज के रूप में महत्वपूर्ण है.

राज्य में कुल पांच राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होंगे. इनमें से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को चार सीटें मिलने की संभावना है, जबकि भाजपा को एक सीट से संतोष करना पड़ेगा.

तृणमूल कांग्रेस ने पिछले सप्ताह ही अपने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए थे. यदि इस बीच कोई अन्य उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं करता है, तो चुनाव प्रक्रिया नहीं होगी और तृणमूल कांग्रेस के चार उम्मीदवार तथा भाजपा का एक उम्मीदवार अपने आप राज्यसभा के लिए चुने जाएंगे.

तृणमूल कांग्रेस के चार उम्मीदवारों में पश्चिम बंगाल के पूर्व Police डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार, वर्तमान आईटी मंत्री और गायक-कलाकार बाबुल सुप्रियो, Supreme Court की वरिष्ठ वकील और क्वीर मूवमेंट की प्रमुख चेहरा मेनका गुरुस्वामी, तथा मशहूर बंगाली Actress कोयल मलिक शामिल हैं.

पश्चिम बंगाल की पांच राज्यसभा सीटों में से तीन सीटें तृणमूल कांग्रेस के मौजूदा सदस्यों – सुब्रत बख्शी, रीताब्रत बनर्जी और साकेत गोखले का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो गई हैं.

चौथी सीट, जो अब खाली हो रही है, वह पहले तृणमूल कांग्रेस की सांसद मौसम बेनजीर नूर की थी. उन्होंने हाल ही में राज्यसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस जॉइन कर ली है.

पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस की मौजूदा संख्या को देखते हुए, पार्टी इन चार सीटों से अपने उम्मीदवारों को आसानी से जीत सकती है.

साथ ही, सीपीआई-एम के राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ वकील विकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है. अब विधानसभा में सीपीआई-एम की कोई संख्या नहीं होने के कारण भाजपा उस सीट से आसानी से जीत जाएगी.

एमएस/

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