मध्य प्रदेश : कांग्रेस आईटी सेल के 3 कार्यकर्ता हिरासत में, विवेक तन्खा बोले- नहीं छोड़ा तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे

Bhopal , 21 अप्रैल . Madhya Pradesh की राजधानी Bhopal की Police ने प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर हिरासत में लिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता विवेक तन्खा ने Police की इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए Madhya Pradesh उच्च न्यायालय की जबलपुर बेंच का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है.

दरअसल बीते दिनों भाजपा की एक नेता का पत्र social media पर वायरल हुआ था जिसे कांग्रेस की आईटी सेल के कार्यकर्ताओं ने साझा किया था. इसे फेक पत्र बताया जा रहा है. इस मामले में तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आ रही है लेकिन Police की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की जा रही है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तन्खा ने कहा कि पिछले 27 घंटों से Bhopal की साइबर Police ने प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना किसी वाजिब कारण के हिरासत में रखा है. मुझे आश्चर्य और निराशा होती है. उन्होंने आगे कहा है कि वसुंधरा राजे की तथाकथित ट्वीट जो लाखों लोगों ने देखी है और शेयर की और जो लाखों लोगों के बीच पब्लिक सर्कुलेशन में थी 15-16 अप्रैल से और जिसे 18 अप्रैल (दो-तीन दिन पश्चात) शाम लगभग आठ बजे उन्होंने फर्जी पत्र बताकर पोस्ट किया, इस आधार पर यह डिटेंशन उचित नहीं है. यदि उन्हें रिहा नहीं किया तो हमारे अधिवक्ता Madhya Pradesh हाईकोर्ट जबलपुर के चीफ जस्टिस के समक्ष इस गैर गैरकानूनी गिरफ्तारी और प्रक्रिया को चुनौती देंगे. Rajasthan Police के नाम से एमपी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इस तरह से डिटेन करना आपत्तिजनक है.

वहीं, भाजपा के प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस द्वारा पत्र को social media पर साझा किए जाने की निंदा की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का social media हैंडल अब फेक न्यूज का अड्डा बन चुके हैं. पूर्णतः फर्जी और भ्रामक पत्र को आधिकारिक प्लेटफार्म से पोस्ट करना उसकी गिरती हुई Political सोच और स्तर का स्पष्ट प्रमाण है.

उन्होंने आगे कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैलाने के लिए एंटी वूमेन अलाइंस का मुख्य चेहरा बनी कांग्रेस अब भाजपा नेताओं के नाम से कूट रचित पत्र गढ़कर खुलेआम झूठ परोस रही है. यह सिर्फ Political षड्यंत्र नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ उसकी कुत्सित मानसिकता की पराकाष्ठा है. कांग्रेस तुरंत यह फर्जी पोस्ट हटाए, बिना शर्त माफी मांगे और इस पूरे मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण भी दे.

एसएनपी/एसके

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