
Lucknow, 19 दिसंबर . उत्तर प्रदेश Government में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने Friday को बताया कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस बार अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा, जिसमें प्रदेश की पूरी आर्थिक स्थिति का ब्योरा दर्ज होगा. साथ ही वंदे मातरम पर भी चर्चा की जाएगी.
नरेंद्र कश्यप ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि हमारा जोर इस बात पर रहेगा कि जनता के हित और कल्याण से जुड़े मुद्दे चर्चा से वंचित नहीं रह जाए. हम शीतकालीन सत्र के दौरान यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी मुद्दे चर्चा से वंचित नहीं रहे.
उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा का शीतकालीन सत्र काफी अहम होने जा रहा है, जिसमें हम प्रदेश से जुड़े मुद्दों को सामने रखेंगे और उस पर विस्तारपूर्वक चर्चा सुनिश्चित करेंगे. इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त की सीमा से बाहर है.
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आरोप लगाया कि Samajwadi Party प्रदेश का विकास नहीं चाहती है. इसी वजह से जब प्रदेश के विकास से संबंध में किसी भी प्रकार का फैसला राज्य Government की ओर से लिया जाता है, तो सुनियोजित तरीके से Samajwadi Party विकास से संबंधित कामों में अवरोध डालने का काम करती है. हम इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने वाले नहीं हैं.
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अब Samajwadi Party के लिए यह मुनासिब रहेगा कि जब कभी राज्य Government की ओर से जनता के हित को ध्यान में रखते हुए कोई कदम उठाया जाए, तो उसका स्वागत करें, न कि विरोध. ऐसा करने से प्रदेश के लोगों की Samajwadi Party की छवि में सकारात्मक सुधार होगा.
उत्तर प्रदेश Government में मंत्री ने आरोप लगाया कि Samajwadi Party के लोग सुनियोजित तरीके से विधानसभा के सत्र को बाधित करने की कोशिश करती है. ऐसा करने के पीछे पार्टी की मंशा होती है कि वे प्रदेश की जनता के हितों पर कुठाराघात कर सके.
उन्होंने Samajwadi Party के सांसद आर.के. चौधरी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शव को जलाना पौराणिक नियम रहा है, लेकिन, अब अगर कुछ लोग इसे लेकर भी राजनीति करने पर आमादा हो जाए, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है.
उन्होंने कहा कि Samajwadi Party के नेताओं को प्रदेश के विकास से कोई लेना देना नहीं है, इसलिए वे सुनियोजित तरीके से ऐसे मुद्दों को हवा देने की कोशिश करते हैं, जिससे मूल मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके.
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एसएचके/वीसी