जम्मू-कश्मीर के राजौरी के कई गांवों में घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी

जम्मू, 19 दिसंबर . जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कई गांवों में संदिग्ध गतिविधि की खबरों के बाद Friday को संयुक्त सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया.

अधिकारियों ने बताया कि खबरें मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर Police और उसके स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी), सेना और सीआरपीएफ सहित संयुक्त बलों ने राजौरी के कई गांवों में तलाशी शुरू की है.

अधिकारी ने बताया, “राजौरी के थानामंडी और मांजकोट सब-डिवीजन के बीच स्थित कुछ गांवों में सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधि की खबरें मिलने के बाद आधी रात के आसपास तलाशी शुरू की गई. सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर Police और एसओजी ने इन गांवों की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की. इन गांवों और पास के बेहरोटी गली इलाके में भी ऑपरेशन जारी है.”

अधिकारी ने आगे कहा, “अब तक संयुक्त बलों और आतंकवादियों के बीच किसी संपर्क की कोई खबर नहीं है.”

15 दिसंबर को संदिग्ध गतिविधि की खबरों के बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने उधमपुर जिले में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था. 16 दिसंबर को गांव में संयुक्त बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें एक Policeकर्मी शहीद हो गया और कथित तौर पर एक आतंकवादी घायल हो गया.

संयुक्त बलों को इलाके में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के 2 से 3 आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी. लंबे समय तक चली गोलीबारी के बाद, आतंकवादी कथित तौर पर गांव के पास के जंगल में भाग गए. ऑपरेशन को जंगल क्षेत्र तक बढ़ाया गया, लेकिन आतंकवादियों से कोई संपर्क नहीं हो पाया.

यह मुठभेड़ मूल रूप से उधमपुर के मजालता इलाके के सोआन गांव में हुई थी. शहीद Policeकर्मी की पहचान अमजद अली खान के रूप में हुई. संयुक्त बल जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स और समर्थकों को निशाना बनाते हुए आक्रामक आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं.

यह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पूरे सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने के उद्देश्य से संशोधित रणनीति का हिस्सा है. नशीले पदार्थों के तस्कर और हवाला मनी रैकेट में शामिल लोग भी सुरक्षा बलों की निगरानी में हैं, क्योंकि माना जाता है कि इन गैरकानूनी गतिविधियों से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल आखिरकार आतंकवाद को बनाए रखने के लिए किया जाता है.

एसएके/एबीएम

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