
वाशिंगटन, 16 जुलाई . अमेरिका और ईरान के बीच हमलों का दौर एक बार फिर से शुरू हो चुका है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने Thursday सुबह (भारतीय समयानुसार) कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर स्थानीय समयानुसार Wednesday को 90 मिनट तक ताबड़तोड़ हमले किए.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर हमले की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों की दूसरी लहर के लिए ऑपरेशन शुरू किया. हमले ईरानी सैन्य क्षमताओं को टारगेट कर रहे हैं जिनका इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट से आसानी से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है.”
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, Wednesday को (स्थानीय समय) अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि उसने सुबह 6 बजे ईस्टर्न टाइम पर ईरान के खिलाफ हमलों का दौर शुरू किया था.
अमेरिका ने ईरान पर 90 मिनट तक हमलों का राउंड जारी रखा. इस दौरान अमेरिकी सेना ने ग्रेटर टुंब आइलैंड में कोस्टल डिफेंस सिस्टम और क्रूज मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइट्स पर सटीक हमले किए.
हालांकि, ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया. ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी संपत्तियों और बेसों को निशाना बना रहा है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने Wednesday को कहा कि उसने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जिसमें उनके सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरक्राफ्ट शेल्टर, खास कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन पर हमला किया गया.
आईआरजीसी ने कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने ईरान के खिलाफ अमेरिका के नए हमले के जवाब में जॉर्डन के अल-अजराक में अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया. ईरान की आधिकारिक इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) ने बताया कि हमले में वे शेल्टर तबाह हो गए जिनमें यूएस एफ-15, एफ-16 और एफ-35 फाइटर जेट और बेस पर तैनात कई एमक्यू-9 रणनीतिक ड्रोन थे.
आईआरजीसी ने दावा किया कि जॉर्डन में अमेरिकी बेस से ईरान के खिलाफ काफी हमले किए गए. हमलों के बाद ईरान ने जॉर्डन के लोगों से अपने देश में अमेरिकी फोर्स की मौजूदगी खत्म करने और अपने इलाके को इस्लामिक देशों और फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ हमलों के लिए लॉन्चपैड के तौर पर इस्तेमाल होने से रोकने की अपील की.
आईआरजीसी ने जॉर्डन के लोगों से अमेरिकी संस्थानों को तबाह करने और जॉर्डन से कब्जा करने वाली अमेरिकी सेना को निकालने के हर अवसर का फायदा उठाने की भी अपील की.
वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “ईरान ने एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने की इजाजत दे दी है, जिसे दिसंबर 2024 में जो बाइडेन के कार्यकाल में गलत तरीके से हिरासत में लिया गया था. वह अब सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर है और अच्छी हालत में है. संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के इस अच्छी मंशा से किए गए काम की सराहना करता है. “
आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नौसेना ने बहरीन में अमेरिका के पांचवें फ्लीट की सुविधाओं पर हमला किया, जिसमें एनएसआई मैनेजमेंट सेंटर, मिलिट्री पार्ट्स और उपकरण रखने वाले बड़े वेयरहाउस, कमांड और कंट्रोल सेंटर और फ्यूल स्टोरेज सुविधाओं को टारगेट किया गया.
आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले अमेरिका के हिंद महासागर में अपनी नौसैनिक बलों को तैनात करने और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण करने के बहाने समुद्री रास्तों को ब्लॉक करने के जवाब में किए गए.
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में फिर से अपने नौसेना की नाकाबंदी शुरू कर दी. इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने Tuesday को ईरान के खिलाफ कई हमले किए.
अमेरिकी सेना ने Tuesday देर रात कहा कि उसने होर्मुज स्ट्रेट और ईरानी तटीय इलाकों के पास मिसाइल और ड्रोन साइट्स, नौसेना की क्षमताओं और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स समेत दर्जनों मिलिट्री टारगेट्स पर सात घंटे तक हमला किया.
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केके/वीसी