
Bhopal , 3 अक्टूबर . केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने Madhya Pradesh को कई सौगात देते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो हमेशा नकारात्मक राजनीति की है.
राजधानी Bhopal के भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जब से देश आजाद हुआ है तभी से कृषि और ग्रामीण व्यवस्था से जुड़े लोगों की मांग थी कि India Government एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय बनाए, लेकिन कांग्रेसियों ने 75 साल तक स्वतंत्र मंत्रालय नहीं बनने दिया. Narendra Modi ऐसे Prime Minister आए, जिन्होंने अलग से सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की और इस मंत्रालय के बनने का सबसे बड़ा फायदा गोपालक को होने वाला है.
दूध संग्रहण के कार्य में बिचौलियों की भूमिका का जिक्र करते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि गोपालक खुले बाजार में अगर दूध बेचता है तो शोषण होता है, 35 रुपए प्रति लीटर उसका दूध बिचौलिया ले जाते हैं और मलाई बिचौलिया खाते हैं. अगर कोऑपरेटिव व्यवस्था में दूध बेचेंगे तो 35 की जगह 55 रुपए मिलने की शुरुआत हो जाएगी.
उन्होंने उज्जैन में 255 करोड़ की लागत के दूध प्रोसेस संयंत्र का भूमि पूजन किया. Bhopal में संयंत्र प्रयोगशाला और शिवपुरी में मिनी डेरी प्लांट की सौगात दी. इसके साथ ही पशुपालकों को 12 करोड़ का बोनस वितरित किया.
उन्होंने कहा कि कांग्रेसी अलग-अलग मुद्दों पर हमारा विरोध करते हैं, हम उन्हें हिसाब देने आए हैं. 2014-15 में देश में दूध का उत्पादन 14 करोड़ 60 लाख टन पहुंचा था, और Prime Minister मोदी ने 10 साल में 14 करोड़ से 25 करोड़ टन तक पहुंचाने का काम किया है. यह इस बात का प्रमाण है कि भाजपा Government जो करती है वह लगन से करती है, पशुपालक के भले के लिए काम करती है.
उन्होंने दुग्ध उत्पादन क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि India दुनिया भर में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश है. देश में पहले पांच राज्य उत्तर प्रदेश, Rajasthan , Madhya Pradesh, Gujarat और Maharashtra हैं, यह सभी पांचों राज्य भाजपा शासित हैं, कांग्रेस की नो एंट्री है, क्योंकि उनके राज्य में कभी भी पशुपालकों की भलाई का काम नहीं होता, रैलियां निकालना और विरोध और नकारात्मकता फैलाने तक ही उनका काम है. मोदी Government गोबर से बायोगैस, जैविक उर्वरक और दुग्ध उत्पादों की प्रोसेसिंग से लेकर बाजार तक पहुंच का पूरा इकोसिस्टम विकसित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है. हमें इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना होगा; सिर्फ दूध इकट्ठा करने से क्या होगा? दूध से आइसक्रीम, मक्खन, घी, चीज़ और मावा बनाया जाना चाहिए. इसके लिए एक सही प्रोसेसिंग सिस्टम होना चाहिए.”
उन्होंने यह भी बताया कि Bhopal और इंदौर पशुपालक संघों से जुड़े पशुपालकों को 12 करोड़ रुपए का बोनस दिया गया है और ‘गोपाल दीदी’ को सम्मानित किया गया है. आज यहां बड़ी संख्या में गोपालकों का पहुंचना मध्यप्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 के लिए शुभ संकेत है. गोपालकों की यह भागीदारी पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए संकल्प और नई ऊर्जा का प्रतीक है.
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने नए आपराधिक कानूनों पर भी बात की. Bhopal में नवीन न्याय संहिताओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, “अंग्रेजों के बनाए कानून उनकी Government और उनके शासन की रक्षा के लिए थे. अब जो कानून लाए गए हैं, वे India के नागरिकों की गरिमा, संपत्ति और जान की रक्षा के लिए हैं. इनका मूल सिद्धांत न्याय है, न कि सजा.”
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एससीएच/एबीएम