
Lucknow, 20 जून . उत्तर प्रदेश ने गोवा में आयोजित मशीनकॉन जीसीसी समिट-2026 में खुद को देश के उभरते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) हब के रूप में मजबूती से पेश किया. राज्य Government के वरिष्ठ अधिकारियों ने निवेश-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, विशाल प्रतिभा पूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित भविष्य की रणनीति को सामने रखते हुए वैश्विक कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया.
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा कि उत्तर प्रदेश सुशासन, तेज गति से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशक-अनुकूल नीतियों के बल पर अभूतपूर्व आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति-2024 देश की सबसे प्रतिस्पर्धी और प्रगतिशील नीतियों में शामिल है, जो निवेशकों को स्थापना से लेकर विस्तार तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान करती है.
उन्होंने बताया कि नीति के तहत निवेशकों को 25 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान, परिचालन व्यय सहायता, भूमि संबंधी प्रोत्साहन, पेरोल सहायता तथा स्टाम्प शुल्क में व्यापक छूट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इसके साथ ही बिजनेस पार्क्स नीति के जरिए Government और निजी डेवलपर्स मिलकर आधुनिक और विश्वस्तरीय कार्यस्थलों का निर्माण कर रहे हैं. कहा कि नोएडा पहले ही ज्ञान-आधारित और तकनीकी उद्योगों का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जबकि Lucknow और Kanpur तेजी से नए टेक्नोलॉजी एवं नवाचार हब के रूप में उभर रहे हैं. राज्य Government का लक्ष्य इन शहरों को वैश्विक कंपनियों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है.
समिट के दौरान ‘टैलेंट ऐज ए ग्रोथ लीवर’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने उत्तर प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 8,000 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थान संचालित हैं, जिनमें आईआईटी Kanpur, आईआईटी-बीएचयू, आईआईआईटी और आईआईएम Lucknow जैसे प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश हर वर्ष दो लाख से अधिक एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) स्नातक तैयार करता है, जो वैश्विक कंपनियों को उच्च गुणवत्ता वाली कुशल कार्यबल उपलब्ध कराने में सक्षम हैं. यही प्रतिभा पूल राज्य को जीसीसी निवेश के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में शामिल करता है.
भविष्य की तकनीकों पर फोकस करते हुए उन्होंने राज्य Government के 225 करोड़ रुपए के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिशन का उल्लेख किया. साथ ही आईआईटी Kanpur और आईआईआईटी Lucknow में प्रस्तावित डीप-टेक हब्स की जानकारी देते हुए कहा कि ये केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, डेटा विज्ञान और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदान करेंगे. अधिकारियों ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, प्रदेशभर में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो प्रणाली को निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण बताया. उनका कहना था कि बेहतर कनेक्टिविटी, तेज अनुमोदन प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश वैश्विक तकनीकी और डिजिटल निवेश का नया केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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विकेटी/एमएस