Skip to content
Saturday, 31 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
अपराध,राजनीति,राष्ट्रीय

टेरर फंडिंग के सिलसिले में यूपी एटीएस ने तृणमूल नेता के घर और मदरसे पर छापेमारी की

टेरर फंडिंग के सिलसिले में यूपी एटीएस ने तृणमूल नेता के घर और मदरसे पर छापेमारी की

कोलकाता, 16 जुलाई . उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के अधिकारियों ने सेंट्रल आर्म्ड Police फोर्सेज (सीएपीएफ) के जवानों के साथ मिलकर Thursday को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता के घर और एक मदरसे पर छापेमारी की. यह कार्रवाई कथित टेरर फंडिंग मामले के सिलसिले में की गई.

नॉर्थ 24 परगना जिले के हसनाबाद ब्लॉक में ऐतिहासिक रामेश्वरपुर गांव में तलाशी अभियान शुरू हुआ. इसमें स्थानीय टीएमसी नेता अब्दुल्ला गाजी के घर और रामेश्वरपुर दारुल उलूम मदरसे पर छापा मारा गया. जांच करने वालों को शक है कि विदेश से बड़ी रकम अब्दुल्ला गाजी और उनके बेटे के बैंक खातों में भेजी गई थी. कहा जा रहा है कि यह पैसा मदरसे के विस्तार और निर्माण के लिए था.

सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एटीएस ने दो साल पहले भी इन्हीं आरोपों में अब्दुल्ला गाजी को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच चल रही थी. जांच करने वालों को इस मामले से जुड़े नए दस्तावेज मिलने के बाद फिर से छापेमारी की गई है.

जांच करने वालों का मानना ​​है कि मदरसे के निर्माण के लिए ग्रांट के नाम पर भारी विदेशी फंड इकट्ठा किया गया था, हालांकि जांच में पता चला कि पैसे का इस्तेमाल बताए गए मकसद के लिए करने के बजाय शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए उसे दूसरी जगह भेज दिया गया.

एटीएस को शक है कि फंड का कुछ हिस्सा टेरर फाइनेंसिंग (आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने) में इस्तेमाल किया गया हो सकता है. जब छापेमारी करने वाली टीमें अब्दुल्ला गाजी के घर पहुंची तो वे और उनका बेटा दोनों ही फरार थे.

इस रिपोर्ट के लिखे जाने के समय तलाशी अभियान चल रहा था और जांच करने वाले गाजी के घर पर छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच कर रहे थे.

इस बीच, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की तीन टीमों ने बसीरहाट सब-डिविजन के हारोआ इलाके में एक ट्रस्ट, एक शिक्षण संस्थान और एक मदरसे में एक साथ तलाशी अभियान चलाया. ईडी की यह कार्रवाई व्यवसायी अब्दुस समद से जुड़े बैंक खातों में विदेशी मुद्रा के बड़े लेन-देन का पता चलने के बाद की गई.

–

डीकेएम/वीसी

Share