पॉक्सो केस में निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय मंत्री बंदी संजय को बर्खास्त किया जाए : केटीआर

हैदराबाद, 17 मई . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने Sunday को मांग की कि पॉक्सो मामले में आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ के खिलाफ निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए Union Minister को तत्काल पद से हटाया जाए.

भागीरथ की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के एक दिन बाद केटीआर ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi बार-बार “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देते हैं, लेकिन यदि ऐसे मामलों में न्याय नहीं मिलता, तो ये नारे केवल Political बयानबाजी बनकर रह जाएंगे.

केटीआर हैदराबाद के एलबी नगर में आयोजित पार्टी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि शायद India में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी Union Minister के बेटे के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करना पड़ा. उन्होंने सवाल किया कि आरोपी को नौ दिनों तक कथित रूप से कैसे छिपाकर रखा गया और इस दौरान उसे किसका संरक्षण मिला.

उन्होंने कहा कि जब तक Union Minister पद पर बने रहेंगे, तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है. इसलिए केंद्र Government को बंदी संजय को तत्काल केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाना चाहिए.

केटीआर ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में सत्ता और प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोप झेल रहे लोगों का संवैधानिक पदों पर बने रहना केवल तेलंगाना ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है.

उन्होंने आरोप लगाया कि Union Minister के बेटे ने एक नाबालिग लड़की के साथ अन्याय किया, जबकि पीड़िता के माता-पिता को खुद धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ा.

केटीआर ने आरोप लगाया कि बंदी संजय ने व्यक्तिगत रूप से पीड़िता के परिवार को धमकाने और प्रताड़ित करने का काम किया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी ने मामले की गंभीरता को कम करने की कोशिश की.

बीआरएस नेता ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर आरोप लगाया कि दोनों दल इस मामले को “हनी ट्रैप” बताकर दबाने की कोशिश कर रहे हैं और मीडिया के कुछ वर्गों पर भी खबर दबाने के लिए प्रभाव डाला गया.

केटीआर ने चेतावनी दी कि यदि सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेही से बचने दिया गया, तो भविष्य में महिलाएं और नाबालिग लड़कियां उत्पीड़न या शोषण के मामलों में सामने आने से डरेंगी.

उन्होंने कहा कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज में यह खतरनाक संदेश जाएगा कि प्रभावशाली लोग कानून से ऊपर हैं.

केटीआर ने दोहराया कि Union Minister को तत्काल बर्खास्त किया जाए और मामले की पारदर्शी एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए.

उन्होंने पीड़िता की मां और परिवार की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि कथित धमकियों और दबाव के बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों के नेताओं द्वारा मामले को दबाने की कथित कोशिशों के बावजूद पीड़ित परिवार न्याय की लड़ाई में डटा रहा.

केटीआर ने इस संघर्ष को “ऐतिहासिक और साहसिक” बताते हुए कहा कि आरोपी भागीरथ के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रहे परिवार को समाज का समर्थन मिलना चाहिए.

उन्होंने बीआरएस महिला विंग, महिला नेताओं, छात्र संगठनों और social media कार्यकर्ताओं की भी सराहना की, जिन्होंने मामले में लगातार न्याय की मांग उठाई.

केटीआर ने कहा कि बीआरएस महिला नेताओं ने तेलंगाना भर में विरोध प्रदर्शन किए, महिला आयोग और Police महानिदेशक से मुलाकात की, तथा डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा के पास भी प्रदर्शन कर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की.

उन्होंने वरिष्ठ बीआरएस नेता आर.एस. प्रवीण कुमार की भी सराहना की, जिन्होंने इस मुद्दे को मजबूती से उठाया और पीड़ित परिवार का समर्थन किया.

डीएससी

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