
चेन्नई, 21 अगस्त . तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सभी 234 विधायकों को Governmentी गाड़ियां और मासिक भत्ता देने के Government के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने Government से आग्रह किया है कि यह सुविधा केवल आर्थिक रूप से कमजोर विधायकों तक ही सीमित रखी जाए.
तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए उदयनिधि ने कहा कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य Government पहले से ही भारी कर्ज के बोझ से जूझ रही है और उन्होंने सार्वजनिक खर्च में अधिक संयम बरतने की अपील की.
उन्होंने कहा, “Government ने घोषणा की है कि सभी 234 विधायकों के लिए नई गाड़ियां खरीदी जाएंगी. मैं इस विधानसभा में अपनी पार्टी का पक्ष रखना चाहता हूं. ऐसे समय में जब तमिलनाडु Government पहले से ही कर्ज के बोझ का सामना कर रही है, जैसा कि Chief Minister ने खुद बार-बार कहा है. हमने अपनी पार्टी के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के मार्गदर्शन में यह फैसला किया है कि गाड़ियां केवल उन्हीं विधायकों को दी जानी चाहिए जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं.”
उन्होंने कहा, “मैं Government से अनुरोध करता हूं कि वह इस पर विचार करे और गाड़ियां केवल उन्हीं विधायकों को दे जिन्हें वास्तव में उनकी जरूरत है, खासकर तब जब Government अनावश्यक खर्च कम करने की कोशिश कर रही है.”
इससे पहले Chief Minister सी. जोसेफ विजय ने 19 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में नियम 110 के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए एक बयान में घोषणा की कि सभी 234 विधायकों को Governmentी गाड़ियां दी जाएंगी. साथ ही, उन्हें ईंधन, रखरखाव और ड्राइवर के लिए 75,000 रुपए और ऑफिस असिस्टेंट रखने के लिए 25,000 रुपए का मासिक भत्ता भी दिया जाएगा.
कुल मिलाकर, प्रस्तावित लाभ Governmentी गाड़ी के अलावा हर विधायक के लिए प्रति माह 1 लाख रुपए बैठता है.
इस घोषणा ने इस लाभ के ‘सभी के लिए समान’ स्वरूप पर चर्चा छेड़ दी है. विपक्ष सवाल उठा रहा है कि हर विधायक को, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, एक जैसी सुविधाएं क्यों दी जानी चाहिए.
उदयनिधि ने तर्क दिया कि Government को इसके बजाय उन विधायकों की पहचान करनी चाहिए जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है और उन्हें ही गाड़ियां देनी चाहिए, खासकर तब जब राज्य खर्च पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है.
उनकी बातों ने चुने हुए प्रतिनिधियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के लिए जरूरी सुविधाएं देने और Governmentी खर्च में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के बीच संतुलन पर ध्यान केंद्रित किया है.
इस मुद्दे ने इस बात पर भी बहस छेड़ दी है कि क्या सभी 234 विधायकों के लिए एक समान लाभ उचित है जबकि अलग-अलग विधायकों की आर्थिक स्थिति में काफी अंतर हो सकता है.
इसलिए विपक्ष ने Government से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और अधिक लक्षित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है, ताकि गाड़ियां और उससे जुड़े भत्ते केवल उन्हीं विधायकों तक सीमित रहें जिन्हें वास्तव में ऐसी सहायता की आवश्यकता है.
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एससीएच