
Mumbai , 26 जून . शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने Friday को से खास बातचीत में कई मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा.
विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा पासपोर्ट को केवल यात्रा दस्तावेज और नागरिकता का प्रमाण नहीं बताए जाने के सवाल पर राजू वाघमारे ने कहा कि Government देश के नाम पर पहचान पत्र जारी करती है, चाहे सत्ता में कोई भी Political दल हो. नागरिकता का संबंध हमेशा देश से होता है. पासपोर्ट और आधार कार्ड को जोड़ने को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि यदि Government इस दिशा में कोई निर्णय लेती है तो यह एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है.
संजय दीना पाटिल द्वारा पत्रकारों के लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के मामले में वाघमारे ने स्पष्ट कहा कि जो कुछ भी कहा गया, वह गलत था. उपChief Minister एकनाथ शिंदे भी बयान को अनुचित बता चुके हैं और पार्टी का रुख भी यही है. पार्टी ने देशभर के पत्रकारों से माफी मांगी है और उन्होंने स्वयं भी व्यक्तिगत रूप से खेद व्यक्त किया है. संजय दीना पाटिल ने भी अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा था कि परिवार पर पड़ रहे दबाव और मानसिक तनाव के कारण उनसे यह गलती हुई. जब संबंधित व्यक्ति और पार्टी दोनों माफी मांग चुके हैं तो इस मुद्दे को अधिक तूल देना उचित नहीं होगा.
राम मंदिर चंदा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि भगवान राम सभी के लिए पूजनीय हैं और रामलला मंदिर से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उत्तर प्रदेश Government इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है. संबंधित अधिकारियों के इस्तीफे हो चुके हैं और जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने सहित अन्य आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
उद्धव ठाकरे के कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में वाघमारे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) की वर्तमान स्थिति कमजोर होती जा रही है. पार्टी के पास अब केवल दो या तीन राज्यसभा सांसद बचे हैं और उनका कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है. पार्टी के सामने अस्तित्व का संकट है. आदित्य ठाकरे भी पार्टी को उस तरीके से नहीं संभाल पाए, जैसी अपेक्षा थी. शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वे लगातार Maharashtra का दौरा कर रहे हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए जमीन पर सक्रिय हैं. राजनीति में जनता के बीच जाकर काम करना पड़ता है और यही वजह है कि लोग शिवसेना और उपChief Minister एकनाथ शिंदे के साथ खड़े हैं. शिवसेना (यूबीटी) पहले ही कांग्रेस की गोद में जा चुकी है और अब केवल औपचारिक विलय की प्रक्रिया बाकी रह गई है.
‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चल रही चर्चाओं पर वाघमारे ने कहा कि यह नाम शिवसेना ने नहीं दिया था, बल्कि मीडिया ने इसे लोकप्रिय बनाया. एकनाथ शिंदे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी ने कोई ऐसा अभियान नहीं चलाया. शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद इसलिए उनके साथ आए क्योंकि उन्हें लग रहा था कि उद्धव ठाकरे कांग्रेस में विलय की दिशा में बढ़ रहे हैं, जबकि पार्टी के पास संसाधनों और विकास की संभावनाओं का भी अभाव था. भविष्य में यदि यूबीटी के अन्य नेता भी शिवसेना में आना चाहें तो उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं. हालांकि, अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा.
वाघमारे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम आज केवल एकनाथ शिंदे कर रहे हैं और जनता का भरोसा भी उन्हीं पर है. जो भी नेता या कार्यकर्ता शिवसेना में शामिल हो रहे हैं, वे एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए आ रहे हैं.
उद्धव ठाकरे के Maharashtra दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए वाघमारे ने कहा कि कम से कम अब उन्हें यह एहसास हो गया है कि पार्टी को बचाने के लिए जनता के बीच जाना जरूरी है. हालांकि, यह पहल काफी देर से की जा रही है. चुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे घर पर ही रहे और केवल social media या ऑनलाइन माध्यमों से अपनी बात रखते रहे. Political दल केवल डिजिटल माध्यमों से नहीं चलते, बल्कि जनता के बीच लगातार मौजूद रहना पड़ता है.
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पीएसके/एबीएम