
यवतमाल, 27 जून . Saturday को यवतमाल दौरे के दौरान अपने आक्रामक भाषण में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागी सांसद संजय देशमुख और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला किया.
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक लेकिन जोशीले भाषण में ठाकरे ने मतदाताओं से एक ‘गद्दार’ को मैदान में उतारने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और नागरिकों से भाजपा को Political दलबदल के लिए जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया.
ठाकरे ने चल रही मानसून की बारिश और Maharashtra के Political माहौल के बीच तुलना की. बारिश में देरी के बावजूद अपना कृषि कार्य छोड़कर रैली में शामिल होने आए किसानों को धन्यवाद देते हुए, उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बारिश से नई कोंपलें उगती हैं और सड़े हुए पत्ते बह जाते हैं, उसी प्रकार आप—मेरे सामने बैठे निष्ठावान, कट्टर शिवसैनिक—मेरे मानसून हैं. सड़े हुए पत्ते गिर गए हैं और नए, निष्ठावान अंकुर फूट रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मैं आप सभी से और यवतमाल-वाशिम निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से माफी मांगता हूं. कभी-कभी मुझसे गलतियां हो जाती हैं. आपने सिर्फ मेरे कहने पर एक पुतले को चुना. उन्हें वोट देते समय आपने अपनी उंगलियों पर काली स्याही लगाई थी, लेकिन दल-बदल करके उन्होंने आपके भरोसे को कलंकित कर दिया है. आपको उनसे जवाब मांगने का पूरा अधिकार है.
ठाकरे ने स्थानीय सांसद संजय देशमुख को निशाना बनाया. संजय देशमुख हाल ही में ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत Chief Minister एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने वाले छह सांसदों में से एक हैं. अपने संबोधन के दौरान ठाकरे ने एक चौंकाने वाला किस्सा साझा किया, जिसमें बताया गया कि पारिवारिक प्रतिबद्धताओं की आड़ में यह दल-बदल कैसे हुआ.
विद्रोही गुटों पर अपना हमला तेज करते हुए ठाकरे ने दलबदल में कथित वित्तीय प्रलोभनों पर निशाना साधा.
उन्होंने गरजते हुए कहा कि ‘गद्दारों के बादशाह’ (एकनाथ शिंदे का जिक्र करते हुए) ने 40 विधायकों को तोड़ दिया. उस समय एक विधायक की कीमत ’50 खोका’ (50 करोड़ रुपए) हुआ करती थी. अब एक सांसद की कीमत क्या होगी? राजनीति एक धंधा बन गई है—चुनाव जीतो, और फिर अपनी बाजार कीमत बढ़ाओ.
देशमुख पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने आगे कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी मां की कसम खाकर अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात करता है, तो मुझे आश्चर्य होता है कि उसकी मां को कैसा लगता होगा.
ठाकरे ने सत्ताधारी भाजपा को भी नहीं बख्शा और हिंदुत्व और राम मंदिर निर्माण के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि यह विश्वासघात न केवल शिवसेना के खिलाफ था, बल्कि हिंदुओं और हिंदुत्व के मूल सिद्धांतों के खिलाफ था.
ठाकरे ने आरोप लगाया कि हमें चिंता होने लगी है कि कहीं भारतीय जनता पार्टी ‘Pakistan जनता पार्टी’ न बन जाए. राम मंदिर के दान पेटियों से धन और चांदी की ईंटें चोरी हो गई हैं. शिला पूजन के दौरान एकत्रित धन का क्या हुआ? ‘राम मंदिर वहीं बनाएंगे’ जैसे नारे लगाकर भाजपा ने हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है,” ठाकरे ने आरोप लगाया.
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एमएस/