
गुवाहाटी, 15 मई . असम के नगांव जिले में जंगली हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो गई. Friday को हुई इन दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है. लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों से ग्रामीण इलाकों में डर और दहशत का माहौल है.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पहली घटना समागुड़ी इलाके के बजियागांव में हुई. यहां शरीफुल इस्लाम नाम का एक व्यक्ति सब्जी के खेत में काम कर रहा था. इसी दौरान पास के जंगल से अचानक एक जंगली हाथी बाहर निकला और उस पर हमला कर दिया. हमले में शरीफुल गंभीर रूप से घायल हो गया. आसपास मौजूद लोग तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके.
दूसरी घटना भी समागुड़ी इलाके में ही हुई. यहां प्रणब दास नाम के एक युवक पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया. वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई.
इन घटनाओं के बाद इलाके के लोगों में भारी डर का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि जंगली हाथी अक्सर भोजन की तलाश में गांवों और खेती वाले इलाकों में घुस आते हैं. इससे लोगों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है.
घटनाओं की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने का अभियान शुरू किया. अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शाम और सुबह के समय जंगल से सटे इलाकों में अकेले न जाएं और सतर्क रहें.
विशेषज्ञों का कहना है कि असम में जंगलों की कटाई, हाथियों के प्राकृतिक आवास में कमी, जंगलों के रास्तों के टूटने और मानव अतिक्रमण की वजह से मानव-हाथी संघर्ष लगातार बढ़ रहा है.
नगांव, गोलपाड़ा, सोनितपुर, उदलगुड़ी, गोलाघाट और बक्सा जैसे जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचाने, ग्रामीणों पर हमले और हाथियों की मौत की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं.
स्थानीय लोगों ने Government और वन विभाग से मांग की है कि संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और सुरक्षा के लिए मजबूत बैरियर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके.
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वीकेयू/पीएम