त्रिपुरा ने पूर्वोत्तर में पीएम-कुसुम योजना के तहत 8,364 सौर पंप किए स्थापित

अगरतला, 11 मई . किसानों की आय दोगुनी करने और सतत कृषि को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विद्युत विभाग ने त्रिपुरा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी के सहयोग से 8,364 सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंप सफलतापूर्वक स्थापित किए हैं.

त्रिपुरा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने बताया कि Prime Minister किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान योजना के तहत 8,364 सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंप स्थापित किए जा चुके हैं. इसके अलावा राज्य भर में 2,531 सौर पंपों पर काम जारी है.

पीएम-कुसुम योजना के तहत 8,364 किसानों को पहले ही लाभ मिल चुका है और चल रहे इंस्टॉलेशन पूरे होने के बाद 2,531 और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

मंत्री ने Monday को पश्चिम त्रिपुरा जिले के मोहनपुर के सतदुबिया गांव में पीएम-कुसुम परियोजना के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संचालित कृषि सिंचाई प्रणाली का दौरा किया. उन्होंने मोहनपुर के सौर ऊर्जा संचालित चाय बागान गांव का भी दौरा किया और स्थानीय किसानों से बातचीत की.

मंत्री ने बताया कि मुफ्त सौर ऊर्जा और सिंचाई का पानी मिलने से ग्रामीण और किसान खुश हैं. प्रत्येक सौर पंप इकाई की कुल लागत लगभग 3 लाख रुपए है. इस राशि में से किसान को केवल 15,000 रुपए देना होता है, जबकि शेष खर्च Government वहन करती है.

मंत्री ने कहा, “अब तक इस योजना से कुल 8,364 किसानों को लाभ मिला है और परियोजना के माध्यम से 41,820 कनी (0.33 से 0.4 एकड़) भूमि को सिंचाई के अंतर्गत लाया गया है. पूरी लागत त्रिपुरा Government द्वारा वहन की जा रही है. पूर्वोत्तर में त्रिपुरा ने पीएम-कुसुम योजना के तहत पहला स्थान प्राप्त किया है. मैंने व्यक्तिगत रूप से परियोजनाओं का दौरा किया, निरीक्षण किया, किसानों से मुलाकात की और उनसे बात की. हमारा लक्ष्य इससे भी बड़ा है और काम लगातार बढ़ रहा है.”

मंत्री ने बताया कि राज्य Government ने शुरू में इस योजना के तहत 10,895 सौर सिंचाई पंप स्थापित करने का लक्ष्य रखा था, जिसका उद्देश्य 54,475 कनी कृषि भूमि को सिंचाई के अंतर्गत लाना था.

मंत्री के अनुसार, 8,364 पंपों की स्थापना पहले ही पूरी हो चुकी है, जिससे 41,820 कनी भूमि को कवर किया गया है और 8,364 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है. इसके अलावा, 2,531 और पंपों की स्थापना का काम चल रहा है, जिससे राज्य भर में 12,655 कनी अतिरिक्त भूमि सिंचित होने की उम्मीद है और 2,531 अतिरिक्त किसानों को लाभ मिलेगा.

ओपी/एबीएम

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