
हैदराबाद, 29 जुलाई . शहर की एक अदालत ने कथित यौन उत्पीड़न मामले में Wednesday को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी एम. उदय कृष्ण रेड्डी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
Tuesday को गिरफ्तार किए गए रेड्डी को तेलंगाना की उप्परपल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जिसने उन्हें 11 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद आरोपी को चंचलगुडा सेंट्रल जेल भेजा गया.
अट्टापुर Police ने रेड्डी को Tuesday को गिरफ्तार किया था. उन पर सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल एकेडमी में अपनी महिला बैचमेट के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था.
इससे पहले, Police रेड्डी को अशोक नगर स्थित उनके घर ले गई थी, ताकि घटना की जगह का दोबारा जायजा लिया जा सके.
यह मामला 18 जुलाई को अट्टापुर Police स्टेशन में एक 30 वर्षीय महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ता ने बार-बार यौन उत्पीड़न, अभद्र व्हाट्सऐप मैसेज भेजने, पीछा करने (स्टॉकिंग), गलत तरीके से बंधक बनाने, शारीरिक मारपीट, आपराधिक धमकी देने और चुपके से प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया था.
आरोप है कि यह वीडियो उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए उनके पति को भेजा गया था.
Police ने उन पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है.
रेड्डी ने social media पर दावा किया कि आरोप झूठे हैं और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा जताया.
21 जुलाई को मोतीनगर में एक रिश्तेदार के घर पर बेहोशी की हालत में मिलने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस समय आत्महत्या की कोशिश की अफवाहें उड़ी थीं. हालांकि, Police का कहना था कि शुरुआती जांच से पता चला है कि यह सहानुभूति पाने के लिए किया गया था.
रेड्डी ने हाथ से लिखे एक कथित सुसाइड नोट में दावा किया कि वह और महिला ट्रेनी अधिकारी एक साल से रिलेशनशिप में थे. उन्होंने चार लोगों का नाम लिया, जिनमें महिला और उसके पति भी शामिल थे, और उन्हें अपनी जान देने के फैसले के लिए जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने दावा किया कि वे जून 2025 से रिलेशनशिप में थे और महिला की शादी के बाद भी शारीरिक और भावनात्मक रूप से जुड़े हुए थे. जबरदस्ती और दबाव के आरोपों को नकारते हुए, रेड्डी ने यह भी दावा किया कि उनके पास तस्वीरें और वीडियो के रूप में सबूत हैं, जिनसे साबित होता है कि उनका रिश्ता आपसी सहमति से था.
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एससीएच/एबीएम