
इस्लामाबाद, 15 मई . Pakistan के पेशावर में व्यापारियों ने Government द्वारा लगाए गए स्मार्ट लॉकडाउन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खैबर-पख्तूनख्वा ट्रेडर्स ऑर्गनाइजेशन के नेतृत्व में निकाली गई रैली में बड़ी संख्या में दुकानदारों और कारोबारियों ने हिस्सा लिया.
प्रदर्शनकारियों ने Government के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्मार्ट लॉकडाउन को तत्काल वापस लेने, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी करने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. Pakistan के अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान व्यापारिक संगठन के नेताओं ने Government की नीतियों की कड़ी आलोचना की.
एक वक्ता ने कहा, “लॉकडाउन से न Government को फायदा हुआ है और न ही व्यापारियों को. दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि भीषण गर्मी में लोग शाम के बाद ही खरीदारी के लिए निकलते हैं. यह फैसला न ऊर्जा संकट का समाधान कर पाया और न ही पेट्रोलियम उत्पादों पर जनता को राहत मिली.”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की पहुंच से जरूरी सामान भी दूर कर दिए हैं. उन्होंने कहा, “ईंधन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि आम नागरिक अब बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहा. Government को लॉकडाउन का फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए और महंगाई रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए.”
व्यापारिक समुदाय ने चेतावनी दी कि यदि Government उनकी मांगें नहीं मानती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि Government की “गलत और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली नीति” के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा.
इससे पहले 9 मई को भी पेशावर और पूरे खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में परिवहन कारोबारियों ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया था.
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के अनुसार, दर्जनों ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर पेशावर के हाजी कैंप टर्मिनल पर एकत्र हुए और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल कटौती की मांग की.
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ट्रांसपोर्ट नेता जुबैर अहमद कुरैशी ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सीएनजी भी उपलब्ध नहीं है.
हालिया ईंधन मूल्य वृद्धि के बाद परिवहन किराए में एक महीने के भीतर पांचवीं बार बढ़ोतरी की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, एसी वाहनों का किराया काफी बढ़ गया है, जबकि नॉन-एसी बसों के किराए में भी पांच प्रतिशत तक इजाफा हुआ है.
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डीएससी