
New Delhi, 29 जून . केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने Monday को कहा कि विकसित India का सपना तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर, रोजगारयुक्त और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न बनेंगे. साथ ही, उन्होंने गांवों को “India की आत्मा, शक्ति और चेतना” बताते हुए कहा कि ग्रामीण विकास ही राष्ट्रीय विकास की धुरी है.
पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन “ग्रामोदय से राष्ट्रोदय” के दूसरे दिन चौहान ने कहा, “गांव केवल धूल-मिट्टी या चौपाल का नाम नहीं, गांव India की शक्ति, India की चेतना और India की आत्मा हैं. अगर हमें समृद्ध और विकसित India बनाना है तो गांव को समृद्ध और विकसित बनाए बिना काम नहीं चलेगा, गांव की प्रगति के बिना देश की प्रगति संभव नहीं है.”
इस दौरान Union Minister चौहान ने घोषणा की कि 1 जुलाई से “विकसित भारत- जी राम जी” योजना देशभर में लागू होगी जो मनरेगा की जगह लेगी. इसके लिए 95,682 करोड़ रुपए की अंतरिम स्वीकृति दी जा चुकी है. उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे समय पर अपनी औपचारिकताएं पूरी करें ताकि योजना का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके.
साथ ही, सम्मेलन में “लखपति दीदी डैशबोर्ड” लॉन्च किया गया और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए “सी लीप्स” डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि Prime Minister Narendra Modi द्वारा 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए अगले 5 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए का बैंक लिंकिंग रोडमैप तैयार किया गया है.
इस सम्मेलन में पहली बार एक मंच पर देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता एक साथ जुटे. उत्तर प्रदेश के उप Chief Minister केशव प्रसाद मौर्य और छत्तीसगढ़ के उप Chief Minister विजय शर्मा सहित राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
–
एबीएस