
New Delhi, 16 मई . भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने Saturday को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ First Information Report , आरजी कर मामले में आईपीएस अधिकारियों के निलंबन सहित अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया की.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषण देने के मामले में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर विधाननगर साइबर क्राइम Police स्टेशन में First Information Report दर्ज हुई है. इस पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने से बातचीत में कहा, “उन्होंने बार-बार हत्या और सिर कलम करने की भड़काऊ बयानबाजी की है. कई बार संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने वाले बयान भी दिए हैं. सब जानते हैं कि अभिषेक बनर्जी ने कहा था, ‘4 मई को सबक सिखाएंगे, भाजपा के हाथ-पैर तोड़ देंगे, उनकी कमर तोड़ देंगे.’ अगर किसी ने इस तरह भड़काऊ बयान दिया है और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है, तो ठीक है. अब अभिषेक को अदालत में जाकर सफाई देनी होगी, क्योंकि हमने देखा है कि टीएमसी ने किस तरह Political हिंसा को संस्थागत रूप दिया है. सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या की गई. टीएमसी के कार्यकाल में 321 भाजपा कार्यकर्ताओं को मौत के घाट उतारा गया. Political हिंसा टीएमसी के डीएनए में है. जिन लोगों ने Political हिंसा को बढ़ावा दिया है, उनको कानून का सामना करना ही पड़ेगा.”
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा द्वारा किए गए वादों पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “Prime Minister Narendra Modi और सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की जनता और महिलाओं से जो भी वादे किए थे, उन्हें पूरा करने के लिए Government एक-एक कदम बढ़ा रही है. घुसपैठियों को हटाने और सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन दी गई है. आरजी कर मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं की तरह काम करते हुए सबूत से छेड़छाड़ की थी. इन तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और इनके खिलाफ जांच चलेगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी. भाजपा बेटी बचाओ के साथ है, जबकि टीएमसी दुष्कर्मी बचाओ के साथ थी.”
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज First Information Report पर भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा, “यह समझना जरूरी है कि अभिषेक बनर्जी के इस तरह के भड़काऊ और जहरीले भाषण कोई धर्मनिरपेक्ष विशेषाधिकार नहीं है. लोकतंत्र बहस पर आधारित होता है, धमकियों, भय और डराने-धमकाने पर नहीं. टीएमसी की पूरी राजनीति आंदोलन, धमकी देने, परेशान करने और जबरदस्ती करने पर आधारित है.
आरजी कर बलात्कार मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के निलंबन पर भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा, “सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन सबूतों के साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार किया गया है, उसके लिए कौन जिम्मेदार है? क्या सिर्फ अधिकारी ही दोषी हैं या पूरी Political सुरक्षा व्यवस्था दोषी है? पीड़ित परिवार को पैसे देने की कोशिश की गई थी, यह इंसाफ नहीं था. Government पीड़ित परिवार को प्रलोभन दे रही थी.”
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ओपी/वीसी