
Mumbai , 29 जून . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Monday को Police विभाग और न्यायपालिका की कार्यकुशलता की सराहना की. यह टिप्पणी उस समय आई जब एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने 65 वर्षीय भीमराव प्रभाकर कांबले को पुणे जिले के भोर तालुका के नसरापुर में साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई.
Chief Minister ने राज्य विधानसभा में बताया कि आरोपी को 25 जून को दोषी ठहराया गया था, जो कि जघन्य अपराध के 55 दिन बाद हुआ.
उन्होंने कहा कि 29 जून को अदालत ने मौत की सजा सुनाई. केवल 29 दिनों में 55 गवाहों की जांच कर दोषसिद्धि हासिल करना एक असाधारण उपलब्धि है.
सीएम फडणवीस ने विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत का आभार जताते हुए कहा कि चार्जशीट दाखिल होने तक की प्रक्रिया Police के हाथ में थी, लेकिन उसके बाद पूरा मामला न्यायपालिका के पास आ गया.
उन्होंने बताया कि न्यायाधीश एस. आर. सालुंखे ने लगातार सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए अपनी निजी छुट्टियां भी रद्द कर दीं. Chief Minister ने कहा कि ऐसे राक्षसों में डर पैदा करने और उन्हें रोकने के लिए समय पर न्याय बहुत जरूरी है. इस मामले में न्यायपालिका ने एक नया उदाहरण पेश किया है.
फडणवीस ने पुणे ग्रामीण Police अधीक्षक संदीप सिंह गिल और उनकी टीम की भी सराहना की. उन्होंने कहा Police द्वारा जुटाए गए मजबूत सबूतों के कारण ही यह सजा संभव हुई.
Chief Minister ने कहा कि ऐसे अपराध कभी न हों, लेकिन यदि होते हैं तो कानून अपराधियों को बहुत जल्दी सजा दे सकता है. भले ही पीड़ित परिवार का दुख कम नहीं किया जा सकता, लेकिन उन्हें यह जानकर कुछ सांत्वना मिल सकती है कि अदालत ने कड़ी सजा दी है.
उन्होंने कहा कि यह फैसला साफ संदेश देता है कि राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है. Chief Minister ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है.
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एएमटी/एबीएम