ओडिशा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का समय आ गया है: मुख्यमंत्री मोहन माझी

भुवनेश्वर, 2 जनवरी . Chief Minister मोहन चरण माझी ने Friday को सतर्कता विभाग को भ्रष्टाचार विरोधी अभियान जारी रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि Odisha को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने और एक ऐसा उदाहरण पेश करने का समय आ गया है जो Governmentी अधिकारियों को भ्रष्ट आचरण में लिप्त होने से रोकेगा.

Chief Minister ने लोक सेवा भवन में सतर्कता विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये टिप्पणियां कीं.

Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मांझी ने आश्वासन दिया कि राज्य Government Odisha सतर्कता विभाग की विभिन्न आवश्यकताओं (क्षमता निर्माण, भर्ती और रिक्त पदों को भरना शामिल) का मूल्यांकन करेगी और जल्द से जल्द उचित निर्णय लेगी.

बैठक में बताया गया कि राज्य Government ने 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच सतर्कता विभाग को जांच के लिए रिकॉर्ड 125 भ्रष्टाचार के मामले भेजे.

Chief Minister कार्यालय ने कहा कि राज्य Government ने नौ महीने की अवधि में इतनी बड़ी संख्या में मामले पहले कभी जांच के लिए नहीं सौंपे थे.

समीक्षा में यह भी पता चला कि 2025 में कुल 488 भ्रष्टाचार के मामलों का निपटारा किया गया. इनमें से अनुपातहीन संपत्ति (डीए) से संबंधित मामलों की संख्या सबसे अधिक थी.

इस वर्ष डीए से संबंधित 173 मामलों का निपटारा किया गया, जो अब तक का सर्वकालिक रिकॉर्ड है.

सतर्कता विभाग ने इस वर्ष प्रवर्तन कार्रवाई को भी तेज किया. 2025 में, सतर्कता टीमों ने राज्य भर में 487 स्थानों पर छापे मारे और अनुपातहीन संपत्ति और रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की.

इस कार्रवाई के तहत, भ्रष्ट Governmentी अधिकारियों से जुड़े 1,199 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए. इन अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें 153 इमारतें, 417 भूखंड, 12 फार्महाउस और 18.3 किलोग्राम सोना शामिल हैं.

इसके अलावा, 36.69 करोड़ रुपए की जमा राशि और 8.8 करोड़ रुपए की नकद राशि भी जब्त की गई. Chief Minister ने इस उपलब्धि के लिए राज्य सतर्कता अकादमी और सतर्कता विभाग की सराहना की.

एमएस/एबीएम

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